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#" रूबरू करवाता हूं आपको कुछ मेरी कलम से, कुछ मेरे हुनर से " #💞Heart touching शायरी✍️ ##️⃣DilShayarana💘
" रूबरू करवाता हूं आपको कुछ मेरी कलम से, कुछ मेरे हुनर से " - लिख लिखकर जज़्बात बताया न कर जो प्यार हो सच्ची तो छुपाया न कर।  ज़माने वालों से तुझे डर है तो फिर, यूं न मैसेज बार बार करके दिल को धड़काया कर।  माना कि हम गरीब हें, मेरे प्यार को यूं न मज़ाक बनाया कर। हर बातों को ऐसे आजमाया न कर जो करते हो मोहब्बत तो फिर शर्माया न कर। आंखों में उतर आया है तेरी तस्वीर, को लहराया कर। यूं न बार बार जुल्फ़ों हर आरज़ू दफ़न हो रही लम्बे ख्वाहिशों के आगे , मेरी तन्हाइयों को यूं न बढ़ाया कर। डा.इकबाल रौशन लिख लिखकर जज़्बात बताया न कर जो प्यार हो सच्ची तो छुपाया न कर।  ज़माने वालों से तुझे डर है तो फिर, यूं न मैसेज बार बार करके दिल को धड़काया कर।  माना कि हम गरीब हें, मेरे प्यार को यूं न मज़ाक बनाया कर। हर बातों को ऐसे आजमाया न कर जो करते हो मोहब्बत तो फिर शर्माया न कर। आंखों में उतर आया है तेरी तस्वीर, को लहराया कर। यूं न बार बार जुल्फ़ों हर आरज़ू दफ़न हो रही लम्बे ख्वाहिशों के आगे , मेरी तन्हाइयों को यूं न बढ़ाया कर। डा.इकबाल रौशन - ShareChat