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#मेरे विचार, मेरी जिन्दगी #👉 लोगों के लिए सीख👈 #रिश्ते और नाते #बात सोचने वाली
मेरे विचार, मेरी जिन्दगी - अर्ज़ है की. क्या कीजे दिमाग का फिर, दिल तरकीब में न हो जब | नसीब में न हो ऐसा मिलना, मिलना नसीब में न हो जब ।। अर्ज़ है की. क्या कीजे दिमाग का फिर, दिल तरकीब में न हो जब | नसीब में न हो ऐसा मिलना, मिलना नसीब में न हो जब ।। - ShareChat