#🙏 भक्ति #🔱बम बम भोले🙏 #🙏 जय मां पार्वती 🙏 डमरू बाजे प्रेम का, थिरके सारा मौन, शिव जैसा दानी भला, इस दुनिया में कौन। शीश पे गंगा सोहती, गले मुंड की माल, भस्म रमी है अंग पे, ओढ़े मृगछाल। जो भी आया द्वार पे, झोली भर दी मौन, शिव जैसा दानी भला, इस दुनिया में कौन। काल भी थर-थर काँपता, देख के तांडव रूप, पर भक्तों के वास्ते, वो ममता की धूप। पीकर विष जो नीलकंठ, कहलाए जग-त्रात, उनके जैसा मीत भला, इस दुनिया में कौन। डमरू बाजे प्रेम का, थिरके सारा मौन, शिव जैसा दानी भला, इस दुनिया में कौन।
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