🪔 श्रीमद्भगवद्गीता अध्ययन – Day 5
📖 अध्याय 1 | अर्जुन विषाद योग | श्लोक 5
धृष्टकेतुश्चेकितानः काशिराजश्च वीर्यवान्।
पुरुजित्कुन्तिभोजश्च शैब्यश्च नरपुङ्गवः॥५॥
🌿 अर्थ:
पाण्डव सेना में धृष्टकेतु, चेकितान, पराक्रमी काशीराज, पुरुजित, कुन्तिभोज तथा मनुष्यों में श्रेष्ठ राजा शैब्य जैसे महान योद्धा भी उपस्थित थे।
✨ आज की सीख:
जीवन में बड़ी सफलता केवल एक व्यक्ति के प्रयास से नहीं मिलती। योग्य, समर्पित और सहयोगी लोगों की एक मजबूत टीम किसी भी लक्ष्य को प्राप्त करने की शक्ति रखती है।
💡 चिंतन करें:
क्या मैं अपने जीवन में योग्य लोगों की प्रतिभा, सहयोग और मार्गदर्शन का सम्मान करता हूँ?
🙏 कमेंट में लिखें — "जय श्रीकृष्ण"
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