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#☝ मेरे विचार #📒 मेरी डायरी
☝ मेरे विचार - एक घर बनाते बनाते ज़िंदगी बीत जाती है, और जब वो बनकर तैयार होता है. तो उसमें जीने की उम्र ही कम रह जाती है। ईटनईट जोड़ते हुए, हम अपने ही अरमानों को टालते जाते हैं, "आज नहीं... कल सही ' कहते ्कहते साल गुज़र जाते हैं। तो मिल जाती है सिर पर, छत #ళ్గెడ पर सुकून कहीं रास्तों  जाता है, और जिस घर के लिए जीते हैं पूरी उम्र... उसी में जीने का वक़्त कम पड़ जाता है। Ranjana  Shukla Mahi एक घर बनाते बनाते ज़िंदगी बीत जाती है, और जब वो बनकर तैयार होता है. तो उसमें जीने की उम्र ही कम रह जाती है। ईटनईट जोड़ते हुए, हम अपने ही अरमानों को टालते जाते हैं, "आज नहीं... कल सही ' कहते ्कहते साल गुज़र जाते हैं। तो मिल जाती है सिर पर, छत #ళ్గెడ पर सुकून कहीं रास्तों  जाता है, और जिस घर के लिए जीते हैं पूरी उम्र... उसी में जीने का वक़्त कम पड़ जाता है। Ranjana  Shukla Mahi - ShareChat