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#✍️ अनसुनी शायरी #🎤 महफिल ए शायरी #एक रचना रोज ...✍︎✍︎ #💚 लाइफ़ की शायरी #✍️ साहित्य एवं शायरी
✍️ अनसुनी शायरी - ही महंगी है जनाब. फुर्सत सुकून ता वरना महादेव की नगरी में ही हैं. ! खामोशियां..! ही महंगी है जनाब. फुर्सत सुकून ता वरना महादेव की नगरी में ही हैं. ! खामोशियां..! - ShareChat