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#☪ सूफी संगीत 🕌 #🤲अल्लाह हु अक़बर #🌙इस्लाम धर्म🕌 #☪इस्लामी स्टेटस📝 #🕌मस्जिद 🤲
☪ सूफी संगीत 🕌 - नमाज़ में सही क़िरात क्यों ज़रूरी है? 8 में कुरआन पढ़ते हैं हम नमाज़ लेकिन क्या हम उसे सही पढ़ते हैं? रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने फ़रमायाः  जिसने फातिहा नहीं पढ़ी , उसकी नमाज़ नहीं होती। " ( सहीह ७५६, सहीह मुस्लिमः ३९४ ) बुख़ारीः  यानी सही क़िरात नमाज़ का बहुत अहम हिस्सा है। अगर हम आयतों को गलत पढ़ते हैं, या जल्दी ्जल्दी बिना समझे पढ़ते है॰ तो नमाज़ का असर कम हो जाता करें कि सूरह फातिहा और बाकी  है। इसलिए कोशिश  आयतें सही तज्वीद के साथ पढ़़ें। धीरेन्धीरे सीखें गलतियों को सुधारें और ध्यान के साथ पढ़़ें। क्योंकि... को खूबसूरत बनाती है।  सही क़िरात नमाज़ हमें कुरआन सही पढ़ने की तौफ़ीक़ दे अल्लाह! और हमारी नमाज़ों को कबूल फरमा। आमीन।  नमाज़ में सही क़िरात क्यों ज़रूरी है? 8 में कुरआन पढ़ते हैं हम नमाज़ लेकिन क्या हम उसे सही पढ़ते हैं? रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने फ़रमायाः  जिसने फातिहा नहीं पढ़ी , उसकी नमाज़ नहीं होती। " ( सहीह ७५६, सहीह मुस्लिमः ३९४ ) बुख़ारीः  यानी सही क़िरात नमाज़ का बहुत अहम हिस्सा है। अगर हम आयतों को गलत पढ़ते हैं, या जल्दी ्जल्दी बिना समझे पढ़ते है॰ तो नमाज़ का असर कम हो जाता करें कि सूरह फातिहा और बाकी  है। इसलिए कोशिश  आयतें सही तज्वीद के साथ पढ़़ें। धीरेन्धीरे सीखें गलतियों को सुधारें और ध्यान के साथ पढ़़ें। क्योंकि... को खूबसूरत बनाती है।  सही क़िरात नमाज़ हमें कुरआन सही पढ़ने की तौफ़ीक़ दे अल्लाह! और हमारी नमाज़ों को कबूल फरमा। आमीन। - ShareChat