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#🥰प्रेम कविता📝 #📝कविता / शायरी/ चारोळी #🖋शेरो-शायरी #💞इश्क-मोहब्बत शायरी🤩
🥰प्रेम कविता📝 - तेरे लफ़्ज़ों की नमी से खिले हैं ये जज़्बे శిఖాగి' रूह के इस बाग़ में शबनमनसा भरम शामों में तेरा नाम जब भी चुपनसी पुकारूँ साँस की हर लौ में उजालों का करम सुकून है. तेरे लफ़्ज़ों की नमी से खिले हैं ये जज़्बे శిఖాగి' रूह के इस बाग़ में शबनमनसा भरम शामों में तेरा नाम जब भी चुपनसी पुकारूँ साँस की हर लौ में उजालों का करम सुकून है. - ShareChat