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बहुत कुछ करके भी कोई सभी से दूर होता है । कोई कुछ भी नही करता मगर मशहूर होता है ।। ये दुनिया चापलूसी के सदा चम्मच से खाती है । बनाता ताज जो किसको भला मंजूर होता है ।। #❤ गुड मॉर्निंग शायरी👍 #👍📝 हिन्दी साहित्य 💐🌹 अधूरे अल्फाज 🌺 #📚कविता-कहानी संग्रह #कविता #✍मेरे पसंदीदा लेखक
❤ गुड मॉर्निंग शायरी👍 - 4|6!716! बहुत कुछ करके भी कोई सभी से दूर होता है | कोई कुछ भी नही करता मगर मशहूर होता है Il ये दुनिया चापलूसी के सदा चम्मच से खाती है [ बनाता ताज जो किसको भला मंजूर होता है II 4|6!716! बहुत कुछ करके भी कोई सभी से दूर होता है | कोई कुछ भी नही करता मगर मशहूर होता है Il ये दुनिया चापलूसी के सदा चम्मच से खाती है [ बनाता ताज जो किसको भला मंजूर होता है II - ShareChat