Himkar prasad singh
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स्त्री अगर शिष्य हो, तो उससे श्रेष्ठ शिष्य खोजना मुश्किल है। स्त्री का शिष्यत्व श्रेष्ठतम है। कोई पुरुष उसका मुकाबला नहीं कर सकता है। क्योंकि समर्पण की जो क्षमता उसमें है, वह किसी पुरुष में नहीं है। जिस संपूर्ण भाव से वह अंगीकार कर लेती है, ग्रहण कर लेती है, उस तरह से कोई पुरुष कभी अंगीकार नहीं कर पाता, ग्रहण नहीं कर पाता।जब कोई स्त्री स्वीकार कर लेती है, क्योंकि निकटता की जिस ऊंचाई पर स्त्रियां पहुंच सकती हैं, पुरुष नहीं पहुंच सकता -- स्वीकार की, समर्पण की। 🕉 🕉 🔱हर हर महादेव 🌹🙏 🙌 🔱हर हर महादेव🕉 🕉 🕉 🕉 🕉 नमः शिवाय नमस्ते सदा वत्सल्ये मातृभूमे हिंदुभूमिय सुखं वर्धितोहं महामांग्ल्य पुण्यभूमये त्वाद्ये पततयच् कर्यो नमस्ते नमस्ते #🕉 नमः शिवाय शुभ प्रभात सुन्दर सोमवार
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