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#📚कविता-कहानी संग्रह #📖 कविता और कोट्स✒️
📚कविता-कहानी संग्रह - 8 रहती पूछती সনাল, ওানহহ तन्हा सी रहती हूँl खुद से मेरे कुछ भीड़ में रहते हुए भी॰ 72| में वही पाया है सच दिल ने, क्या कभी 81 था उलझाया লা আামা खुद को ही दुनियादारी में যা লহ 5 करती कहा बात ম; ৎক্ধ किया करती हूँ| মহ হাল 27 आईने স্তুথ को खोकर आखिर क्यों सबको 6 8 रहती पूछती সনাল, ওানহহ तन्हा सी रहती हूँl खुद से मेरे कुछ भीड़ में रहते हुए भी॰ 72| में वही पाया है सच दिल ने, क्या कभी 81 था उलझाया লা আামা खुद को ही दुनियादारी में যা লহ 5 करती कहा बात ম; ৎক্ধ किया करती हूँ| মহ হাল 27 आईने স্তুথ को खोकर आखिर क्यों सबको 6 - ShareChat