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#♥️कुछ अनकही~सी बातें,,कुछ सुलझी हुई सोच~कुछ दिल तक ~कुछ हमारे अल्फाजों तक♥️[]_रश्मिदत्ता_बिहारी_किलर
♥️कुछ अनकही~सी बातें,,कुछ सुलझी हुई सोच~कुछ दिल तक ~कुछ हमारे अल्फाजों तक♥️[]_रश्मिदत्ता_बिहारी_किलर - 414 सुबह सुबह नुली गर्मजोशी से बोलती है 414 ठंड के मौसम में सर्दियों के समुद्र की तरह आ जाओ खिलखिलाहट रोलिंग शुरू हो जाएगी तेरी यादें. बस समुद्र के किनारे को छूते हुए अल्लाह अल्लाह अल्लाह के दिमाग को चुनौती देगा तेरी यादें 42 रंगीन मुस्कानों में भीगे सात रंग जो खिलते हैं हरे धनुष की तरह फड़फड़ाते हुए तेरी यादें फूल के बिस्तर पर छिड़क दिया पर बच्ची फूलों तुषारा की बूंदों की तरह..... ( शाम को मदद करें चिड़ियां इस तरह चहचहाना करती हैं एक झाग की तरह जो आँसुओं से भरा हो याद तेरी याद को कहाँ हो तुम गुरु हो जो चले गए किस दिशा में देखते हो तेरा प्यार बोलता है गुजर जाए यूं ही॰ तेरी यादों के साथ a 414 सुबह सुबह नुली गर्मजोशी से बोलती है 414 ठंड के मौसम में सर्दियों के समुद्र की तरह आ जाओ खिलखिलाहट रोलिंग शुरू हो जाएगी तेरी यादें. बस समुद्र के किनारे को छूते हुए अल्लाह अल्लाह अल्लाह के दिमाग को चुनौती देगा तेरी यादें 42 रंगीन मुस्कानों में भीगे सात रंग जो खिलते हैं हरे धनुष की तरह फड़फड़ाते हुए तेरी यादें फूल के बिस्तर पर छिड़क दिया पर बच्ची फूलों तुषारा की बूंदों की तरह..... ( शाम को मदद करें चिड़ियां इस तरह चहचहाना करती हैं एक झाग की तरह जो आँसुओं से भरा हो याद तेरी याद को कहाँ हो तुम गुरु हो जो चले गए किस दिशा में देखते हो तेरा प्यार बोलता है गुजर जाए यूं ही॰ तेरी यादों के साथ a - ShareChat