जब-जब अधर्म बढ़ा, तब-तब विष्णु ने अवतार लिया…
मत्स्य से लेकर कल्कि तक, हर रूप ने संसार को बचाया…
कहीं क्रोध बनकर नरसिंह गरजे,
कहीं प्रेम बनकर कृष्ण मुस्कुराए…
कहीं मर्यादा बने श्रीराम,
तो कहीं शांति बने बुद्ध…
ये सिर्फ अवतार नहीं, धर्म की रक्षा के दिव्य स्वरूप हैं… #ai #vishnu #bhagwan #bhakti
00:21


