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#🎙️मशहूर शायरों की शायरी✍️ #🖋ग़ालिब की शायरी #✨उर्दू शायरी
🎙️मशहूर शायरों की शायरी✍️ - 6ನ आशियाने बनाएं भी तो कहां बनाएं साहब ज़मीने महंगी हो गयी और दिल में कोई जगह नहीं देता ! ! गुलज़ार | साहित्य विचार 6ನ आशियाने बनाएं भी तो कहां बनाएं साहब ज़मीने महंगी हो गयी और दिल में कोई जगह नहीं देता ! ! गुलज़ार | साहित्य विचार - ShareChat