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#❤️Love You ज़िंदगी ❤️ #★ राधास्वामी जी ★
❤️Love You ज़िंदगी ❤️ - अष्टदल कँवलः पँखुड़ियों वाला कमल; आठ अण्ड के छः चक्रों में से तीसरा चक्र। इसे 'तीसरा तिल' भी कहते हैं। रूहानी अभ्यास द्वारा पहुँचने पर इस स्थान पर गुरू का नूरी स्वरूप प्रकट होता है। गुरु के दिये हुए सिमरन का अभ्यास शिष्य को यहाँ तक ले आता है। यहाँ पहुँचकर गुरु-्भक्ति पूर्ण  1 எரி81 इसके बाद नाम- भक्ति शुरू होती है। Path Of Shabad | अष्टदल कँवलः पँखुड़ियों वाला कमल; आठ अण्ड के छः चक्रों में से तीसरा चक्र। इसे 'तीसरा तिल' भी कहते हैं। रूहानी अभ्यास द्वारा पहुँचने पर इस स्थान पर गुरू का नूरी स्वरूप प्रकट होता है। गुरु के दिये हुए सिमरन का अभ्यास शिष्य को यहाँ तक ले आता है। यहाँ पहुँचकर गुरु-्भक्ति पूर्ण  1 எரி81 इसके बाद नाम- भक्ति शुरू होती है। Path Of Shabad | - ShareChat