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#❤️Love You ज़िंदगी ❤️ #episodic
❤️Love You ज़िंदगी ❤️ - ज़िंदगी चल रही है. ना वैसी जैसी सोची थी॰ ना वैसी जैसी चाही थी. बस जैसी मिल रही है, वैसी ही जी जा रही है. कभी हँसी के दो पल मिल जाते हैं, तो कभी बिना वजह आँखें भर आती हैं. कभी सब अपना सा लगता है, तो कभी भीड़ में भी अकेलापन घेर लेता है. ख्वाब अब भी हैं, पर उन्हें पूरा करने की हिम्मत थोड़ी सी कम पड़ जाती है. और जिम्मेदारियाँ इतनी बढ़ गई हैं, कि खुद के लिए वक्त भी कम रह गया है. लोग बदलते गए, हालात बदलते गए. और हम हर बार खुद को थोड़ा ्थोड़ा बदलते गए. ज़िंदगी चल रही है. कभी संभलकर, कभी बिखरकर. रुकती नहीं. पर शायद इसलिए हम भी रुकना नहीं सीख पाते. ज़िंदगी चल रही है. ना वैसी जैसी सोची थी॰ ना वैसी जैसी चाही थी. बस जैसी मिल रही है, वैसी ही जी जा रही है. कभी हँसी के दो पल मिल जाते हैं, तो कभी बिना वजह आँखें भर आती हैं. कभी सब अपना सा लगता है, तो कभी भीड़ में भी अकेलापन घेर लेता है. ख्वाब अब भी हैं, पर उन्हें पूरा करने की हिम्मत थोड़ी सी कम पड़ जाती है. और जिम्मेदारियाँ इतनी बढ़ गई हैं, कि खुद के लिए वक्त भी कम रह गया है. लोग बदलते गए, हालात बदलते गए. और हम हर बार खुद को थोड़ा ्थोड़ा बदलते गए. ज़िंदगी चल रही है. कभी संभलकर, कभी बिखरकर. रुकती नहीं. पर शायद इसलिए हम भी रुकना नहीं सीख पाते. - ShareChat