शरीरस्य गुणानाश्च दूरम्अन्त्य अन्तरम् ।
शरीरं क्षणं विध्वंसि कल्पान्त स्थायिनो गुणा: ।। 🍁
🌿भावार्थ:🌿
शरीर और गुण इन दोनों में बहुत अन्तर है । शरीर थोड़े ही दिनों का मेहमान होता है जबकि गुण प्रलय काल तक बने रहते हैं ।🌻
#मेरी_पसंद_VD 🎶🎵

