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#😒दर्द भरी शायरी🌸 #💝 इज़हार-ए-मोहब्बत #💓 मोहब्बत दिल से #💞दिल की धड़कन #🖋कहानी: टूटे दिल की💔
😒दर्द भरी शायरी🌸 - आँख खोली तो कोई ख्वांब दोबारा न रहा। धूप ऐसी थी कि किसी साए का सहारा न रहा। हम तो तूफान में , लड़ने का हुनर रखते थे वक्त मगर, कोई किनारा न रहा। डूबते लिए हमने मांगी थी दुआ  दिल के सलामत के तुम्हारे जब वक्त आया तो वही दिल हमारा न रहा। जिंदगी बीत गई तेरे इश्क लिए। के दिल की जागीर तो इस दिल का भी सहारा न रहा।।  को खुशी अब Noor आँख खोली तो कोई ख्वांब दोबारा न रहा। धूप ऐसी थी कि किसी साए का सहारा न रहा। हम तो तूफान में , लड़ने का हुनर रखते थे वक्त मगर, कोई किनारा न रहा। डूबते लिए हमने मांगी थी दुआ  दिल के सलामत के तुम्हारे जब वक्त आया तो वही दिल हमारा न रहा। जिंदगी बीत गई तेरे इश्क लिए। के दिल की जागीर तो इस दिल का भी सहारा न रहा।।  को खुशी अब Noor - ShareChat