ShareChat
click to see wallet page
search
#✍️ अनसुनी शायरी
✍️ अनसुनी शायरी - डिलीवरी के टाइम लड़की सोचती है मैं अपने बच्चे का चेहरा देख पाउगी या नहीं. . उधर उसकी माँ सोचती है मेरी बेटी बच पायेगी या नहीं ससुराल वाले सोचते है लड़का होगा या लड़की 100 Lme डिलीवरी के टाइम लड़की सोचती है मैं अपने बच्चे का चेहरा देख पाउगी या नहीं. . उधर उसकी माँ सोचती है मेरी बेटी बच पायेगी या नहीं ससुराल वाले सोचते है लड़का होगा या लड़की 100 Lme - ShareChat