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#छत्तीसगढ़
छत्तीसगढ़ - डौंगरगढ़ से सरकारी शिक्षक और उसके साथी गिरफ्तार शिक्षक ने Al से सचिव के साइन कर जारी किए नियुक्ति पत्र, ३४ लोगों से 1 करोड़ ऐंठे सरकारो स्कूल में शिक्षक है। उसके गांव में रहने काइम रिपोर्टर | रायपुर वाला मनोज श्रीवास्तव ( ५२ ) उसका साथी है, जो एक निजो स्कूल में पढ़ाता है। राजेश के सामान्य प्रशासन बिभाग के सचिव के नाम से फर्जो नियुक्ति पत्र जारी कर ठगी करने पास अक्सर लोग नाकरी के लिए संप्क करते बाले डोंगरगढ के सरकारी स्कूल के शिक्षक " थे। इसी का फायदा र्ठाते हुए उसने अपने और उसके साथी को पुलिस ने गिरफतार कर साथी के साथ मिलकर जालसाजी की साजिश फर्जी नियुक्त पत्रा के आरोपी | फर्जा नियुवि्त पत्र। लिया है। दोनों ने मिलकर अपने परिचितों और रची। आरोपियों ने सामान्य प्रशासन विभाग के नाम से फर्जी विज्ञापन तैयार किया और अपने रिश्तेदारों को नौकरी लगाने का झांसा दिया भरकरइनसइट र्पारचितों को दिखाकर भरोसा दिलाया कि उनके और ३४ लोगा से १०५ करोड ठग लिए। शिक्षा समेत कई विभागों में फर्जी नियुक्ति इसके बाद सभी को फर्जीं नियुक्ति पत्र भी॰ पास नौकरी लगवाने का जुगाड़ है। धोरे-धीरे में आ गए। उनसे 5 से जारी कर दिए। इनमें सामान्य प्रशासन विभाग ३४ लोग उनके झांसे १० लाख तक वसूले गए। 5 मार्च को सभी को   राज्य के ३४ लोगों को परिवहन. राजस्व व आपदा प्रबंधन  के सचिव और उप सचिव के डिजिटल साइन वन एवं जलवायु परिवर्तन , पंचायत एवं ग्रामीण विकास  थे। रगी का शिकार लोग जब ज्चॉइनिंग के फर्जी नियक्ति पत्र जारो कर डाक से उनके घर तथा स्कूल शिक्षा विभाग के नाम पर फर्जो नियुक्ति पत्र लिए मंत्रालय पहुंचे तब फर्जीवाड़ा सामने भेज दिए गए। लोगों ने भरोसा कर पैसे दे दिए दिए गए। मंत्रालय के सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से आया। मामले का खुलासा होने के बाद और नियुक्ति पत्र लेकर मंत्रालय पहुंचने लगे। 5 माचं २०२६ की तारीख में नियुक्ति अनुशंसा से संबंधित  सामान्य प्रशासन विभाग ने २४ अप्रैल को एक के बाद एक लोगों के पहुंचने से मामला  फर्जी आदेश तैयार किया गया। इस फर्जी आदेश में विभाग  राखी थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने उजागर होगया। विभाग ने स्पष्ट कियाकि॰ के सचिव रजत कुमार और उप सचिव शिव कुमार सिंह के तनीको जांच के आधार परदो आरोपियों को ऐसी कोई नियुक्ति प्रक्रिया नहीं हुई है। जांच में लोगों को   डिजिटल हस्ताक्षर लगाए गए थे, जिसे एआई से तैयार किया  ने कुछ  गिरफ्तार कर लिया रै। सामने आया कि आरोपियों पुलिस के अनुसार आरोपियों ने विभिन्न विभागों के गाया था। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार पैसा लौटाया लेकिन अधिकांश रकम निजी असलो पत्रों से अधिकारियों के डिजिटल साइन स्कैन किए डोंगरगढ निघासो राजेश शर्मा उर्फ राजू ( ५३ ) कामों में खच कर दो। और उन्हें फर्जी नियुक्ति पत्रों में उपयोग किया। डौंगरगढ़ से सरकारी शिक्षक और उसके साथी गिरफ्तार शिक्षक ने Al से सचिव के साइन कर जारी किए नियुक्ति पत्र, ३४ लोगों से 1 करोड़ ऐंठे सरकारो स्कूल में शिक्षक है। उसके गांव में रहने काइम रिपोर्टर | रायपुर वाला मनोज श्रीवास्तव ( ५२ ) उसका साथी है, जो एक निजो स्कूल में पढ़ाता है। राजेश के सामान्य प्रशासन बिभाग के सचिव के नाम से फर्जो नियुक्ति पत्र जारी कर ठगी करने पास अक्सर लोग नाकरी के लिए संप्क करते बाले डोंगरगढ के सरकारी स्कूल के शिक्षक " थे। इसी का फायदा र्ठाते हुए उसने अपने और उसके साथी को पुलिस ने गिरफतार कर साथी के साथ मिलकर जालसाजी की साजिश फर्जी नियुक्त पत्रा के आरोपी | फर्जा नियुवि्त पत्र। लिया है। दोनों ने मिलकर अपने परिचितों और रची। आरोपियों ने सामान्य प्रशासन विभाग के नाम से फर्जी विज्ञापन तैयार किया और अपने रिश्तेदारों को नौकरी लगाने का झांसा दिया भरकरइनसइट र्पारचितों को दिखाकर भरोसा दिलाया कि उनके और ३४ लोगा से १०५ करोड ठग लिए। शिक्षा समेत कई विभागों में फर्जी नियुक्ति इसके बाद सभी को फर्जीं नियुक्ति पत्र भी॰ पास नौकरी लगवाने का जुगाड़ है। धोरे-धीरे में आ गए। उनसे 5 से जारी कर दिए। इनमें सामान्य प्रशासन विभाग ३४ लोग उनके झांसे १० लाख तक वसूले गए। 5 मार्च को सभी को   राज्य के ३४ लोगों को परिवहन. राजस्व व आपदा प्रबंधन  के सचिव और उप सचिव के डिजिटल साइन वन एवं जलवायु परिवर्तन , पंचायत एवं ग्रामीण विकास  थे। रगी का शिकार लोग जब ज्चॉइनिंग के फर्जी नियक्ति पत्र जारो कर डाक से उनके घर तथा स्कूल शिक्षा विभाग के नाम पर फर्जो नियुक्ति पत्र लिए मंत्रालय पहुंचे तब फर्जीवाड़ा सामने भेज दिए गए। लोगों ने भरोसा कर पैसे दे दिए दिए गए। मंत्रालय के सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से आया। मामले का खुलासा होने के बाद और नियुक्ति पत्र लेकर मंत्रालय पहुंचने लगे। 5 माचं २०२६ की तारीख में नियुक्ति अनुशंसा से संबंधित  सामान्य प्रशासन विभाग ने २४ अप्रैल को एक के बाद एक लोगों के पहुंचने से मामला  फर्जी आदेश तैयार किया गया। इस फर्जी आदेश में विभाग  राखी थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने उजागर होगया। विभाग ने स्पष्ट कियाकि॰ के सचिव रजत कुमार और उप सचिव शिव कुमार सिंह के तनीको जांच के आधार परदो आरोपियों को ऐसी कोई नियुक्ति प्रक्रिया नहीं हुई है। जांच में लोगों को   डिजिटल हस्ताक्षर लगाए गए थे, जिसे एआई से तैयार किया  ने कुछ  गिरफ्तार कर लिया रै। सामने आया कि आरोपियों पुलिस के अनुसार आरोपियों ने विभिन्न विभागों के गाया था। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार पैसा लौटाया लेकिन अधिकांश रकम निजी असलो पत्रों से अधिकारियों के डिजिटल साइन स्कैन किए डोंगरगढ निघासो राजेश शर्मा उर्फ राजू ( ५३ ) कामों में खच कर दो। और उन्हें फर्जी नियुक्ति पत्रों में उपयोग किया। - ShareChat