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#❤ गुड मॉर्निंग शायरी👍 ##️⃣DilShayarana💘 #💞Heart touching शायरी✍️ #💓सोमवार शायरी✍️ #✒ गुलज़ार की शायरी 🖤
❤ गुड मॉर्निंग शायरी👍 - वंदन शुभोदय उपनिषद् शान्तो दान्तस्तथारामः ५ _ 66 भाव जो शांत है, संयमी है, वही वास्तव में स्थित है। शांति कोई लक्ज़री नही, यह एक डिसिप्लिन है। शोर, आपका दिन कम ज्यादा स्पष्टता और भीतर की स्थिरता से भरा रहे। रीखब जैन जय जिनेन्द्र वंदन शुभोदय उपनिषद् शान्तो दान्तस्तथारामः ५ _ 66 भाव जो शांत है, संयमी है, वही वास्तव में स्थित है। शांति कोई लक्ज़री नही, यह एक डिसिप्लिन है। शोर, आपका दिन कम ज्यादा स्पष्टता और भीतर की स्थिरता से भरा रहे। रीखब जैन जय जिनेन्द्र - ShareChat