२५ अप्रेल
मित्र का कर्त्तव्य है कि,
वह अपने मित्र को
कठिन स्थिति में छोड़े नहीं,
उसे आत्मीयता व सहयोग प्रदान करें,
कठिनाई में छोड़ने वाला झूठा व
न छोड़ने वाला सच्चा मित्र होता है!
युगप्रधान आचार्यश्री महाश्रमणजी
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