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#📝कविता / शायरी/ चारोळी #🖋शेरो-शायरी #🥰प्रेम कविता📝 #💞इश्क-मोहब्बत शायरी🤩
📝कविता / शायरी/ चारोळी - ख्ाबो की सजी थी महफिल पर हसरत नीलाम हो गई तुने क्या देखा मुझे इकनज़र मेरी रुह भी तेरी गुलाम हो ٢ ख्ाबो की सजी थी महफिल पर हसरत नीलाम हो गई तुने क्या देखा मुझे इकनज़र मेरी रुह भी तेरी गुलाम हो ٢ - ShareChat