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#✍️ साहित्य एवं शायरी
✍️ साहित्य एवं शायरी - वो सीख गए तो क्या हम भी सीख ही जाएंगे अंदाज करना कौन सा रॉकेट साइंस है 5{ जो रिश्ते दिल से नहीं दिमाग से निभाए जाएं ऐसे रिश्तों के आगे बढ़ने की कहां गुंजाइश है मेरा चैन मेरी नींद मेरे खाब सब तो लूट लिये और क्या पेश करें, आपकी क्या फरमाइश है अभी जो ये राब्ता है, मेरे और उसके दरमियां कुछ नहीं बस ये आखिरी जोर आजमाईश है चाहता हूं कि वो मेरा होके रहे  बेखबर 3q7 पता है ये होगा नहीं पर फिर भी यही ख्वाहिश है वो सीख गए तो क्या हम भी सीख ही जाएंगे अंदाज करना कौन सा रॉकेट साइंस है 5{ जो रिश्ते दिल से नहीं दिमाग से निभाए जाएं ऐसे रिश्तों के आगे बढ़ने की कहां गुंजाइश है मेरा चैन मेरी नींद मेरे खाब सब तो लूट लिये और क्या पेश करें, आपकी क्या फरमाइश है अभी जो ये राब्ता है, मेरे और उसके दरमियां कुछ नहीं बस ये आखिरी जोर आजमाईश है चाहता हूं कि वो मेरा होके रहे  बेखबर 3q7 पता है ये होगा नहीं पर फिर भी यही ख्वाहिश है - ShareChat