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#💞Heart touching शायरी✍️ #📚कविता-कहानी संग्रह #📖 कविता और कोट्स✒️ #📓 हिंदी साहित्य #💓सोमवार शायरी✍️
💞Heart touching शायरी✍️ - झिझक के फ़ासले ' भला हम मिले भी तो क्या मिले, वही दूरियाँ, वही फ़ासले, न कभी हमारे क़दम बढ़े, न कभी झिझक गई। तुम्हारी यूँ तो कई दफ़ा रूबरू हुए, कई बातें भी हुईं मगर, जो बात दिल से निकलनी थी, वही दिल में ही अटक गई। नज़र से नज़र तो मिली बहुत, मगर बात आगे बढ़ी नहीं , मेरे लबों पे ठहरी रही, तेरे होंठों तक पहुँच न सकी। कभी मैंने दिल को समझा लिया, कभी ख़ुद को रोक लिया, নুসন यूँ ही वक़्त की हर एक लहर, किनारों से आकर पलट गई। न कोई शिकवा, न कोई गिला, न कोई शिकायत रही मगर, जो एक कमी थी हमारे बीच, वही उम्र भर न सिमट गई। भला हम मिले भी तो क्या मिले, वही दूरियाँ, वही फ़ासले, कभी हमारे क़दम बढ़े, न कभी झिझक गई। तुम्हारी न Your uote.in Gupta Ji झिझक के फ़ासले ' भला हम मिले भी तो क्या मिले, वही दूरियाँ, वही फ़ासले, न कभी हमारे क़दम बढ़े, न कभी झिझक गई। तुम्हारी यूँ तो कई दफ़ा रूबरू हुए, कई बातें भी हुईं मगर, जो बात दिल से निकलनी थी, वही दिल में ही अटक गई। नज़र से नज़र तो मिली बहुत, मगर बात आगे बढ़ी नहीं , मेरे लबों पे ठहरी रही, तेरे होंठों तक पहुँच न सकी। कभी मैंने दिल को समझा लिया, कभी ख़ुद को रोक लिया, নুসন यूँ ही वक़्त की हर एक लहर, किनारों से आकर पलट गई। न कोई शिकवा, न कोई गिला, न कोई शिकायत रही मगर, जो एक कमी थी हमारे बीच, वही उम्र भर न सिमट गई। भला हम मिले भी तो क्या मिले, वही दूरियाँ, वही फ़ासले, कभी हमारे क़दम बढ़े, न कभी झिझक गई। तुम्हारी न Your uote.in Gupta Ji - ShareChat