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spritul word - ODaily Bread चिदि हम प्रभु येशू मसीह का कार्य देखते हुए भी उसके अधिकार को तुच्छ ) जानकर उसपर सन्देह प्रगट करते है, तो परमेश्वर का राज्य हम पर नहीं है।मत्ती १२२०) और सन्देह वो ही प्रगट करता है॰जो 'परमेश्वर का वचन' नहीं जानता जानते हैं कि ' परमेश्वर का वचन' प्रभु येशू मसीह आप हैः परन्तु जो उस और हम ; वह प्रभु की आत्मिक बातों को मुर्खता जानता है। इस वचन को नहीं जानता , कारण वह प्रभु की शिक्षा और झुठी शिक्षा के अंतर को नहीं समझ पाता और  झुठे चिह्न और अद्भुत कामों पर तो भरोसा रखता है, परन्तु परमेश्वर के कामों पर मन प्रभु के प्रति और मनुष्यों के प्रति भी  सन्देह प्रगट करता है। क्योकि उसका ' शुद्ध नहीं होता है। और वचन कहता है कि शुद्ध मनवाले ही परमेश्वर को देखेंगे  और हम मन के शुद्ध तब हो पाते है, जब हम येशू मसीह का | (Ti5: )  सुसमाचार विश्वासपूर्वक सूनने से पवित्र आत्मा पाते है और मसीह के वचन के | द्वारा प्रभु येशू मसीह की सही पहचान करते हुए अपने मन के आत्मिक स्वभाव  में नये होते जाते है और तब ही हम परमेश्वर के राज्य की बातों को समझ पाते हैं समझते हुए  और उस में दृढ बने रहते है और प्रभु येशू मसीह के अधिकार को उसका आदर करते है और परमेश्वर के अधीन रहते हैं। | ODaily Bread चिदि हम प्रभु येशू मसीह का कार्य देखते हुए भी उसके अधिकार को तुच्छ ) जानकर उसपर सन्देह प्रगट करते है, तो परमेश्वर का राज्य हम पर नहीं है।मत्ती १२२०) और सन्देह वो ही प्रगट करता है॰जो 'परमेश्वर का वचन' नहीं जानता जानते हैं कि ' परमेश्वर का वचन' प्रभु येशू मसीह आप हैः परन्तु जो उस और हम ; वह प्रभु की आत्मिक बातों को मुर्खता जानता है। इस वचन को नहीं जानता , कारण वह प्रभु की शिक्षा और झुठी शिक्षा के अंतर को नहीं समझ पाता और  झुठे चिह्न और अद्भुत कामों पर तो भरोसा रखता है, परन्तु परमेश्वर के कामों पर मन प्रभु के प्रति और मनुष्यों के प्रति भी  सन्देह प्रगट करता है। क्योकि उसका ' शुद्ध नहीं होता है। और वचन कहता है कि शुद्ध मनवाले ही परमेश्वर को देखेंगे  और हम मन के शुद्ध तब हो पाते है, जब हम येशू मसीह का | (Ti5: )  सुसमाचार विश्वासपूर्वक सूनने से पवित्र आत्मा पाते है और मसीह के वचन के | द्वारा प्रभु येशू मसीह की सही पहचान करते हुए अपने मन के आत्मिक स्वभाव  में नये होते जाते है और तब ही हम परमेश्वर के राज्य की बातों को समझ पाते हैं समझते हुए  और उस में दृढ बने रहते है और प्रभु येशू मसीह के अधिकार को उसका आदर करते है और परमेश्वर के अधीन रहते हैं। | - ShareChat