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#❤️Love You ज़िंदगी ❤️
❤️Love You ज़िंदगी ❤️ - 10:30 0 0 0 0' LE ४G  ill 98% Dhyan Swam i 12 फिक्र छोड़ो, मस्त रहो दुःख उधार का है, आनंद स्वयं का है। आनंदित कोई होना तो अकेले भी हो सकता है; ತ की जरुरत है। कोई धोखा होना चाहे तो दूसरे दे गयाः किसी ने गाली दे दी; कोई तुम्हारे मन #ತ್ರತ की अनुकूल न चला दूसरे सब दुःख है। और आनंद का से कोई सम्बन्ध नहीं ٤٩ है। आनंद स्वस्फूर्त है। दुःख बाहर से आता है, आनंद भीतर से आता है॰ ओशो 10:30 0 0 0 0' LE ४G  ill 98% Dhyan Swam i 12 फिक्र छोड़ो, मस्त रहो दुःख उधार का है, आनंद स्वयं का है। आनंदित कोई होना तो अकेले भी हो सकता है; ತ की जरुरत है। कोई धोखा होना चाहे तो दूसरे दे गयाः किसी ने गाली दे दी; कोई तुम्हारे मन #ತ್ರತ की अनुकूल न चला दूसरे सब दुःख है। और आनंद का से कोई सम्बन्ध नहीं ٤٩ है। आनंद स्वस्फूर्त है। दुःख बाहर से आता है, आनंद भीतर से आता है॰ ओशो - ShareChat