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#❤️जीवन की सीख #sharechat #share #trending #📓 हिंदी साहित्य
❤️जीवन की सीख - स्तनपान कराते समय सावधानियाँ बच्चे को स्तनपान कराते वक्त उसकी नाक पर जोर नहीं देना चाहिये जिससे की उसे सांस लेने में तकलीफ हो । शिशु को केवल माँ का दूध ही देना चाहिये | उन्हें अलग से नवजात पानी देने की जरूरत नहीं होती है। स्तनपान कराते समय बच्चे का सिर हमेशा ऊपरकी ओर होना चाहिये और बैठ कर ही स्तनपान कराना चाहिये | स्तनपान के साथ बच्चा कुछ मात्रा में हवा भी पेट में ले जाता है जिससे पेट में गैस बनने लगती है। शिशु को छाती से लगा कर पीठ पर थपकी देने से शिशु की गैस निकल जाती है। स्तनपान के बाद स्तनों को गीले कपड़े से साफ करना चाहिये बच्चे अधिक्तर एकही करवट सोते हैं जिससे उनकी पाचनक्रिया प्रभावित होती है। माँको बच्चे की करवट बदलते रहना चाहिये यदि बच्चे को बीमारी के कारण आई सी यू में एडमिट किया गया है तब भी बच्चे को माँ का दूध ही देना चाहिये | चाहे इसके लिये माँ का दूध निकोल कर बूँद बूँद ही पिलाने पडे़े दो से तीन माह के शिशु को गाय या शितश्नु कोनगनयहयने कैंसदका देँधहीददिया च जा सकता है पर के शिशु को माँ के दूध के अलावा मला हुआ केला, मला हुआ चारमाह आलू या सेब, शहद पानी में मिलाकर, दाल का पानी दिया जा सकता గ1 बिस्कुट, माह के शिशु को पतली दलिया या खिचड़ी , दाल का पानी, : मले हुये फल और रस , सब्जियों का सूप, अंडे का पीला भाग , दही दिया है | जासकता दस माह के बच्चे को ताजी रोटी , सब्जी , दाल चावल , फल , वगैरह दिया चीजें अभी नहीं देनी जा सकता है पर मिर्च मसाला और तली  भुनी : चाहिये स्तनपान कराते समय सावधानियाँ बच्चे को स्तनपान कराते वक्त उसकी नाक पर जोर नहीं देना चाहिये जिससे की उसे सांस लेने में तकलीफ हो । शिशु को केवल माँ का दूध ही देना चाहिये | उन्हें अलग से नवजात पानी देने की जरूरत नहीं होती है। स्तनपान कराते समय बच्चे का सिर हमेशा ऊपरकी ओर होना चाहिये और बैठ कर ही स्तनपान कराना चाहिये | स्तनपान के साथ बच्चा कुछ मात्रा में हवा भी पेट में ले जाता है जिससे पेट में गैस बनने लगती है। शिशु को छाती से लगा कर पीठ पर थपकी देने से शिशु की गैस निकल जाती है। स्तनपान के बाद स्तनों को गीले कपड़े से साफ करना चाहिये बच्चे अधिक्तर एकही करवट सोते हैं जिससे उनकी पाचनक्रिया प्रभावित होती है। माँको बच्चे की करवट बदलते रहना चाहिये यदि बच्चे को बीमारी के कारण आई सी यू में एडमिट किया गया है तब भी बच्चे को माँ का दूध ही देना चाहिये | चाहे इसके लिये माँ का दूध निकोल कर बूँद बूँद ही पिलाने पडे़े दो से तीन माह के शिशु को गाय या शितश्नु कोनगनयहयने कैंसदका देँधहीददिया च जा सकता है पर के शिशु को माँ के दूध के अलावा मला हुआ केला, मला हुआ चारमाह आलू या सेब, शहद पानी में मिलाकर, दाल का पानी दिया जा सकता గ1 बिस्कुट, माह के शिशु को पतली दलिया या खिचड़ी , दाल का पानी, : मले हुये फल और रस , सब्जियों का सूप, अंडे का पीला भाग , दही दिया है | जासकता दस माह के बच्चे को ताजी रोटी , सब्जी , दाल चावल , फल , वगैरह दिया चीजें अभी नहीं देनी जा सकता है पर मिर्च मसाला और तली  भुनी : चाहिये - ShareChat