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#📝कविता / शायरी/ चारोळी #🖋शेरो-शायरी #✍गुलजारांचे साहित्य
📝कविता / शायरी/ चारोळी - कुछ सुनसान पड़ी है ज़़िंदगी , कुछ वीरान हो गए है हम, जो हमें ठीक से जान भी नहीं पाया, लिए  खामखां उसके परेशान हो गए 8 841 कुछ सुनसान पड़ी है ज़़िंदगी , कुछ वीरान हो गए है हम, जो हमें ठीक से जान भी नहीं पाया, लिए  खामखां उसके परेशान हो गए 8 841 - ShareChat