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#जीवन की सच्ची बातें
जीवन की सच्ची बातें - वो "लौट " कर आया है मनाने को , "लगता हे 77 आजमा कर आया है "ज़माने" को! মাথ লানী ই,, "यतिमी' ज़माने भरकी तकलीफ़े" सुना है "बाप" जिन्दा हो तो, , "कांटे" भी नहीं चुभते. . ! वो "लौट " कर आया है मनाने को , "लगता हे 77 आजमा कर आया है "ज़माने" को! মাথ লানী ই,, "यतिमी' ज़माने भरकी तकलीफ़े" सुना है "बाप" जिन्दा हो तो, , "कांटे" भी नहीं चुभते. . ! - ShareChat