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शिवभक्त निशिकेत परब - Author on ShareChat
शिवभक्त निशिकेत परब
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#सोबत

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  • शिवभक्त निशिकेत परब - Author on ShareChat
    शिवभक्त निशिकेत परब
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  • Sanjeevni Sawant - Author on ShareChat
    Sanjeevni Sawant
    उठ, निडर बन जा मेरी सखी ( मेरी हिंदी कविता हैं , आशा है आप सब को पसंद आजाएं । ) 🙏🏻 #सोबत #👬एक प्रवास मैत्रीचा #प्रवास #🙂Positive Thought #👨‍👩‍👧‍👦माझा परिवार
    ?_/_9_/a03& DATE टूनले সতাান মন मंजिलें उन्हीं को मिलती टें॰ TTCT  रोती टे। " पंखों से कुछ नटीं होता , 35ান எ # ஈ निड२ ] 3ठ सजन को॰दार ट॰ शक्ति का उवतार हे॰ दुर्नया रोी र्तू खुद टीच्च्मत्कार रे | ৫নু सह्मी क्थों मोड  दे बेड़ियों को तोड़ का रूख drhr इन सूस्मों को पीछे छोउ दे | जो सेका रोकती ऐं नुझको , 3 जा मेरी रखी 5{ बन तानो॰ से , के डरन। Hq 6 क२ 9 समाज उन तू॰पखों में बुलंद 3 , अपनी 35 |el সার্প , নূ 'ঈদা' ীীব ँधेरे 51ನ `r 311` तुझसे डर को शीच्चीर दे, तू ऐेसी cisT া ढलन बन ৬ণ বন ন্য' মযী মজীী ! #51 करने की बारी टे ,  எ்5ி # ஈ 2, 3= 4 ये नेरी ठी नेयारी रै | লু 'মং ন্দী ক্ষী সীন ল ) 4{, ஈ # பசஈ अपनी खुद बना रास्ता IG तू अपनी किस्मत की कलम, तू खुद ही अपनी छावाह बना इस कवित का सार की रायसेऊपर उठकर बन।ना / आत्मबल : दुसरों॰ अपनी पहचान डर  को खत्म नहीं बल्कि साहस करन। ] उस पार FAYT बंधनों से मानसिक   ओर सामानिक 38 sanjeevni sawant ?_/_9_/a03& DATE टूनले সতাান মন मंजिलें उन्हीं को मिलती टें॰ TTCT  रोती टे। " पंखों से कुछ नटीं होता , 35ান எ # ஈ निड२ ] 3ठ सजन को॰दार ट॰ शक्ति का उवतार हे॰ दुर्नया रोी र्तू खुद टीच्च्मत्कार रे | ৫নু सह्मी क्थों मोड  दे बेड़ियों को तोड़ का रूख drhr इन सूस्मों को पीछे छोउ दे | जो सेका रोकती ऐं नुझको , 3 जा मेरी रखी 5{ बन तानो॰ से , के डरन। Hq 6 क२ 9 समाज उन तू॰पखों में बुलंद 3 , अपनी 35 |el সার্প , নূ 'ঈদা' ীীব ँधेरे 51ನ `r 311` तुझसे डर को शीच्चीर दे, तू ऐेसी cisT া ढलन बन ৬ণ বন ন্য' মযী মজীী ! #51 करने की बारी टे ,  எ்5ி # ஈ 2, 3= 4 ये नेरी ठी नेयारी रै | লু 'মং ন্দী ক্ষী সীন ল ) 4{, ஈ # பசஈ अपनी खुद बना रास्ता IG तू अपनी किस्मत की कलम, तू खुद ही अपनी छावाह बना इस कवित का सार की रायसेऊपर उठकर बन।ना / आत्मबल : दुसरों॰ अपनी पहचान डर  को खत्म नहीं बल्कि साहस करन। ] उस पार FAYT बंधनों से मानसिक   ओर सामानिक 38 sanjeevni sawant
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