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#💝 शायराना इश्क #दिल के अल्फाज़
💝 शायराना इश्क - मोहब्बत रंगों की मोहताज नहीं होती, (( जहां रूह मिल जाए, वहां बात ही कुछ और होती है। " ೪) जहां फर्क खत्म हो जाए, 0 वही मोहब्बत शुरू होती है। " मोहब्बत रंगों की मोहताज नहीं होती, (( जहां रूह मिल जाए, वहां बात ही कुछ और होती है। " ೪) जहां फर्क खत्म हो जाए, 0 वही मोहब्बत शुरू होती है। " - ShareChat