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#आज का इतिहास
आज का इतिहास - எஎ आजादी की लौ जलाने वाले मंगल पांडे को दी गई फाँसी इतिहास में आठ अप्रैल का दिन आजादी के लिए कुर्बानी देने वाले लोगों के नाम दर्ज है। १८५७ में आठ अप्रैल के दिन ही मंगल पांडे को फांसी दी गई थी। इस दिन के साथ एक और घटना भी जुड़ी है। भगत सिंह और बटुकेश्वर दत्त जैसे आजादी के परवानों ने आठ अप्रैल ११२१ को दिल्ली के सेंट्रल असेंबली हॉल में बम फेंका था। इस बम धमाके का मकसद किसी को नुकसान पहुंचाना नहीं बल्कि भारत के स्वतंत्रता आंदोलन की तॅरफ दुनिया का ध्यान आकृष्ट करना था। १८५७ : ब्रिटिश भड़काने वाले बैरकपुर सरकार के खिलाफ बगावत की चिँगारी  रेजीमेंट के सिपाही मंगल पांडे को फांसी दी गई। १८९४ : भारत के राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम के रचयिता बंकिम चन्द्र चट्टोपाध्याय का कलकत्ता में निधन। १९२१ : क्रांतिकारी भगत सिंह और बटुकेश्वर दत ने दिल्ली असेंबली हॉल में बम फेंका और गिरफ्तारी दी। எஎ आजादी की लौ जलाने वाले मंगल पांडे को दी गई फाँसी इतिहास में आठ अप्रैल का दिन आजादी के लिए कुर्बानी देने वाले लोगों के नाम दर्ज है। १८५७ में आठ अप्रैल के दिन ही मंगल पांडे को फांसी दी गई थी। इस दिन के साथ एक और घटना भी जुड़ी है। भगत सिंह और बटुकेश्वर दत्त जैसे आजादी के परवानों ने आठ अप्रैल ११२१ को दिल्ली के सेंट्रल असेंबली हॉल में बम फेंका था। इस बम धमाके का मकसद किसी को नुकसान पहुंचाना नहीं बल्कि भारत के स्वतंत्रता आंदोलन की तॅरफ दुनिया का ध्यान आकृष्ट करना था। १८५७ : ब्रिटिश भड़काने वाले बैरकपुर सरकार के खिलाफ बगावत की चिँगारी  रेजीमेंट के सिपाही मंगल पांडे को फांसी दी गई। १८९४ : भारत के राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम के रचयिता बंकिम चन्द्र चट्टोपाध्याय का कलकत्ता में निधन। १९२१ : क्रांतिकारी भगत सिंह और बटुकेश्वर दत ने दिल्ली असेंबली हॉल में बम फेंका और गिरफ्तारी दी। - ShareChat