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#📚GK & Current Affairs #✍सरकारी / प्राइवेट नौकरी #💼 नौकरी की तैयारी
📚GK & Current Affairs - दो नज़रिए ಷicn एक मुद्दा Drishti IAS John Maynard Keynes का तर्क (1913) John Maynard Keynes ने अपनी किताब Indian Currency and Finance में कहा "अगर रुपये की विदेशी कीमत (exchange rate) स्थिर रहे, तो बाकी चीजें अपने आप ठीक हो जाएंगी। " B. R Ambedkar's Argument सिर्फ ३२ साल की उम्र में B. R. Ambedkar ने LSE (London School of Economics and Political Science) H 3147i257 पन्नों की थीसिस The Problem of the Rupee (१९२३) के माध्यम से कीन्स के लगभग हर तर्क को चुनौती देते हुए यहः स्पष्ट किया कि रुपये की असली समस्या उसकी विदेशी विनिमय दर नहीं, बल्कि देश के भीतर उसकी गिरती हुई खरीदने की ताकत है। जिसका सबसे अधिक असर गरीबों पर पड़ता है। दो नज़रिए ಷicn एक मुद्दा Drishti IAS John Maynard Keynes का तर्क (1913) John Maynard Keynes ने अपनी किताब Indian Currency and Finance में कहा "अगर रुपये की विदेशी कीमत (exchange rate) स्थिर रहे, तो बाकी चीजें अपने आप ठीक हो जाएंगी। " B. R Ambedkar's Argument सिर्फ ३२ साल की उम्र में B. R. Ambedkar ने LSE (London School of Economics and Political Science) H 3147i257 पन्नों की थीसिस The Problem of the Rupee (१९२३) के माध्यम से कीन्स के लगभग हर तर्क को चुनौती देते हुए यहः स्पष्ट किया कि रुपये की असली समस्या उसकी विदेशी विनिमय दर नहीं, बल्कि देश के भीतर उसकी गिरती हुई खरीदने की ताकत है। जिसका सबसे अधिक असर गरीबों पर पड़ता है। - ShareChat