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बाबासाहेब के मार्ग पर चलने वाले ही सच्चे आंबेडकरवादी हैं। हर व्यक्ति को स्वयं का आत्मविश्लेषण करना चाहिए और खुद से यह सवाल पूछना चाहिए — क्या मैं वास्तव में आंबेडकरवादी हूँ? #❤️जीवन की सीख #👍 डर के आगे जीत👌 #📖जीवन का लक्ष्य🤔 #ambedkar_jayanti
❤️जीवन की सीख - दीक्षाभूमि , नागपुर १५ अक्तूबर , १९५६ २२ प्रतिज्ञाएं ऐतिहासिक धम्म्म प्रवर्तन भाषण के दौरान ली गई शपथ ؟ {శెయ్ని ' महेश को ईश्वर नर्ही मानूंगा। राम और कृष्मा की प्ूना नहीं करूंगा। ब्रद, हिदू देवी - देवताओं को नर्हीं मानूंना। ईस्र के अवताराद ्मे यिश्वास नर्ही। 3. ढुद्ध विष्णु के अवतार हैं, यह झूठा प्रवार है। शराद्घ और पिंड दान कभी नहीं करु्गा| 5 बुद्ध षर्ग के विठद्व कोई बात वहीं करूंगा। ब्राहार्णों से को्ई् क्रिया फ्रम नहीं करवाऊंगा| mdثfmmbedKarerse" अरागिक मार्ग का पूर्ण पालन करूेगा। दस परमिताओं का अनुसरण कलेगा। 11. 12. मै कभी बोरी बर्ही कठेगा। प्राणिमान्न पर ढया और कठणा रखूंगा। 13. 14. मैं व्यभियार नहीं करूुगा। मैं कभी अस्तय नहीं बोतूंगा| 15. 16. शराब व नशीले पदार्थों का त्याग करता हूं। प्रजा शील, करुणा को आधार बनाऊंँगा| 17. 18. बुद्घ थर्म ही सर्वग्रेष्ठ ओर सच्या मार्ग है। अमेमानेता बाले थर्म का पूर्ण त्याग।  पुराने { 19. 20. धम्म के अनुसार बै॰मानिता ्ूं कि मेरा अब नया जन्म हो रहा है। आबरण की रापख लेता ढूं। 21. 22. जय भीम जय बुद्ध जय संविधान भवतु सब्ब मंगलं ~ सबका मंगल हो दीक्षाभूमि , नागपुर १५ अक्तूबर , १९५६ २२ प्रतिज्ञाएं ऐतिहासिक धम्म्म प्रवर्तन भाषण के दौरान ली गई शपथ ؟ {శెయ్ని ' महेश को ईश्वर नर्ही मानूंगा। राम और कृष्मा की प्ूना नहीं करूंगा। ब्रद, हिदू देवी - देवताओं को नर्हीं मानूंना। ईस्र के अवताराद ्मे यिश्वास नर्ही। 3. ढुद्ध विष्णु के अवतार हैं, यह झूठा प्रवार है। शराद्घ और पिंड दान कभी नहीं करु्गा| 5 बुद्ध षर्ग के विठद्व कोई बात वहीं करूंगा। ब्राहार्णों से को्ई् क्रिया फ्रम नहीं करवाऊंगा| mdثfmmbedKarerse" अरागिक मार्ग का पूर्ण पालन करूेगा। दस परमिताओं का अनुसरण कलेगा। 11. 12. मै कभी बोरी बर्ही कठेगा। प्राणिमान्न पर ढया और कठणा रखूंगा। 13. 14. मैं व्यभियार नहीं करूुगा। मैं कभी अस्तय नहीं बोतूंगा| 15. 16. शराब व नशीले पदार्थों का त्याग करता हूं। प्रजा शील, करुणा को आधार बनाऊंँगा| 17. 18. बुद्घ थर्म ही सर्वग्रेष्ठ ओर सच्या मार्ग है। अमेमानेता बाले थर्म का पूर्ण त्याग।  पुराने { 19. 20. धम्म के अनुसार बै॰मानिता ्ूं कि मेरा अब नया जन्म हो रहा है। आबरण की रापख लेता ढूं। 21. 22. जय भीम जय बुद्ध जय संविधान भवतु सब्ब मंगलं ~ सबका मंगल हो - ShareChat