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#💌शब्द से शायरी✒️ #✍️ साहित्य एवं शायरी #💝 शायराना इश्क़
💌शब्द से शायरी✒️ - न हम रहे दिल लगाने के काबिल, न दिल रहा ग़म उठाने के काबिल, लगे उसकी यादों के जो ज़ख़्म दिल पर, छोड़़ा उसने मुस्कुराने के काबिल।। T न हम रहे दिल लगाने के काबिल, न दिल रहा ग़म उठाने के काबिल, लगे उसकी यादों के जो ज़ख़्म दिल पर, छोड़़ा उसने मुस्कुराने के काबिल।। T - ShareChat