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#छत्तीसगढ़
छत्तीसगढ़ - कांकेर के खरीदी केंद्र से 2 करोड़ का धान गायब फर्जी खरीदी की आशंका से मचा राशि ट्रांसफर किए जाने की बात सामने आ रही है। मामला तब  होना चाहिए लेकिन मौके पर धान की मात्रा रिकॉर्ड से काफो हड़कंप , विभागीय जांच शुरू  उजागर हुआ जब धान परिदान के अंतिम चरण में भौतिक कम पाई गई। केंद्र सरकार की समर्थन मूल्य और राज्य सरकार सत्यापन किया गया। रिकॉर्ड के अनुसार फड़ में करीब १५ से दिए जाने वाले अंतर की राशि को जोड़ा जाये तो करीब दो নিনমল  नवभारत ब्यूरो। कांकेर। जिले के आसूलखार धान खरीदी हजार बोरा यानी लगभग 6 हजार धान होना चाहिए करोड़ रूपये की गड़बड़ी है। केंद्र में पंद्रह हजार बोरा धान के गायब होने और फर्जी खरीदी था, लेकिन मौके पर ५०० बोरा धान भी नहों मिला। विभागीय  फर्जी खरीदी से जुड़े कई नाम आ सकते है सामने जानकारी के मुताबिक इस खरीदी केंद्र में इस वर्ष कुल मामले मे जब प्रबंधक परमेश महावीर से संपर्क किया गया तो को आशंका ने विभाग में हड़कंप मचा दिया है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि खरीदी केंद्र में रिकॉर्ड के अनुसार 6 ३६,७०३.२० क्विंटल धान को खरोदी दर्ज की गई है। इसमें से उन्होंने कहा कि धान खरीदी में उनकी कोई भूमिका नहीं होती हजार क्विंटल धान मौजूद होना चाहिए था, लेकिन मौके पर 22,842.35   নিরনমল খান মিলযযঁ ব্ধী নথা 7,494.94 और इसकी पूरी जिम्मेदारी खरीदी प्रभारी की होती है। वहीं टोम को अपेक्षित मात्रा में धान नहों मिला। जानकारो के धान संग्रहण केंद्र भेजा गया है। इस प्रकार कुल खरीदी प्रभारी टिकेश्वर पोटाई ने जो जानकारो दो है, उससे यह क्विटल पहुंची  अनुसार खरीदी केंद्र में कुछ लोगों के संकेत मिल रहा है कि जांच होने पर फर्जी खरीदी से जुड़े कई ३०,३३७.२१ क्विंटल धान का परिदान हो चुका है। रिकॉर्ड के पट्टों में फर्जी खाली तरोके से हजारों क्विटल धान चढ़ाने और संबधित खातों में अनुसार खरोदी केंद्र में अभी 6,३६५ ९१ क्विंटल धान शेष  नाम सामने आ सकते है। कांकेर के खरीदी केंद्र से 2 करोड़ का धान गायब फर्जी खरीदी की आशंका से मचा राशि ट्रांसफर किए जाने की बात सामने आ रही है। मामला तब  होना चाहिए लेकिन मौके पर धान की मात्रा रिकॉर्ड से काफो हड़कंप , विभागीय जांच शुरू  उजागर हुआ जब धान परिदान के अंतिम चरण में भौतिक कम पाई गई। केंद्र सरकार की समर्थन मूल्य और राज्य सरकार सत्यापन किया गया। रिकॉर्ड के अनुसार फड़ में करीब १५ से दिए जाने वाले अंतर की राशि को जोड़ा जाये तो करीब दो নিনমল  नवभारत ब्यूरो। कांकेर। जिले के आसूलखार धान खरीदी हजार बोरा यानी लगभग 6 हजार धान होना चाहिए करोड़ रूपये की गड़बड़ी है। केंद्र में पंद्रह हजार बोरा धान के गायब होने और फर्जी खरीदी था, लेकिन मौके पर ५०० बोरा धान भी नहों मिला। विभागीय  फर्जी खरीदी से जुड़े कई नाम आ सकते है सामने जानकारी के मुताबिक इस खरीदी केंद्र में इस वर्ष कुल मामले मे जब प्रबंधक परमेश महावीर से संपर्क किया गया तो को आशंका ने विभाग में हड़कंप मचा दिया है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि खरीदी केंद्र में रिकॉर्ड के अनुसार 6 ३६,७०३.२० क्विंटल धान को खरोदी दर्ज की गई है। इसमें से उन्होंने कहा कि धान खरीदी में उनकी कोई भूमिका नहीं होती हजार क्विंटल धान मौजूद होना चाहिए था, लेकिन मौके पर 22,842.35   নিরনমল খান মিলযযঁ ব্ধী নথা 7,494.94 और इसकी पूरी जिम्मेदारी खरीदी प्रभारी की होती है। वहीं टोम को अपेक्षित मात्रा में धान नहों मिला। जानकारो के धान संग्रहण केंद्र भेजा गया है। इस प्रकार कुल खरीदी प्रभारी टिकेश्वर पोटाई ने जो जानकारो दो है, उससे यह क्विटल पहुंची  अनुसार खरीदी केंद्र में कुछ लोगों के संकेत मिल रहा है कि जांच होने पर फर्जी खरीदी से जुड़े कई ३०,३३७.२१ क्विंटल धान का परिदान हो चुका है। रिकॉर्ड के पट्टों में फर्जी खाली तरोके से हजारों क्विटल धान चढ़ाने और संबधित खातों में अनुसार खरोदी केंद्र में अभी 6,३६५ ९१ क्विंटल धान शेष  नाम सामने आ सकते है। - ShareChat