ओम चं चं चं चं चपल चलंता ।
ओम हनु हनु हनु हनु हनुमन्ता ।।
ओम हं हं हाँक देत कपि चंचल ।
ओम सं सं सहमि पराने खल-दल ।।
अपने जन को तुरत उबारौ ।
सुमिरत होय आनंद हमारौ ।।
यह बजरंग बाण जेहि मारै।
ताहि कहो फिर कोन उबारै ।। #🙏रोजाना भक्ति स्टेट्स #🙏🏻हनुमान जी के भजन #🕉 शिव भजन #🎵 राधा-कृष्ण भजन 🙏 #🔊सुन्दर कांड🕉️
00:24

