
२५ प्रतिक्रिया · ३ कमेंट | अगर नरेंद्र मोदी भारत के प्रधानमंत्री न होते, तो क्या देश की स्थिति अलग होती? और सुधीर जी, आपका क्या कहना है? सत्ता से सवाल पूछने के बजाय उसकी ढाल बन जाना पत्रकारिता नहीं कहलाता। जब मीडिया का काम जवाब मांगना था, तब कुछ लोगों ने सिर्फ़ गुणगान किया। जनता महंगाई, बेरोजगारी और रोज़मर्रा की परेशानियों से जूझती रही, और टीवी स्टूडियो में असली मुद्दों की जगह शोर परोसा जाता रहा। देश किसी एक नेता या पत्रकार का नहीं, 140 करोड़ लोगों का है। सवाल पूछना लोकतंत्र की ताकत है, दुश्मनी नहीं। #Irony #Media #Democracy #Politics #India #TrendingNow #ViralPost #modi #IndianFashion #newsfeed #comedy #cjp | Tell the Truth in Bold Way.

