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उद्धरेदात्मनाऽत्मानं नात्मानमवसादयेत्। आत्मैव ह्यात्मनो बन्धुरात्मैव रिपुरात्मनः॥ मनुष्य को स्वयं अपना उत्थान करना चाहिए। वही स्वयं अपना मित्र भी है और अपना सबसे बड़ा शत्रु भी। #❣️.🇱​​​​​🇮​​​​​🇫​​​​​🇪​​​​​❣️.🇱​​​​​🇮​​​​​🇳​​​​​🇪​​​​​.❣️ #❤️जीवन की सीख #🌸 सत्य वचन #☝आज का ज्ञान #true lines 💯
❣️.🇱​​​​​🇮​​​​​🇫​​​​​🇪​​​​​❣️.🇱​​​​​🇮​​​​​🇳​​​​​🇪​​​​​.❣️ - उद्धरेदात्मनाडत्मानं नात्मानमवसादयेत्। आत्मैव ह्यात्मनो बन्धुरात्मैव रिपुरात्मनः।I चाहिए। मनुष्य को स्वयं अपना उत्थान करना वही स्वयं अपना मित्र भी है और अपना सबसे बड़ा शत्रु भी। उद्धरेदात्मनाडत्मानं नात्मानमवसादयेत्। आत्मैव ह्यात्मनो बन्धुरात्मैव रिपुरात्मनः।I चाहिए। मनुष्य को स्वयं अपना उत्थान करना वही स्वयं अपना मित्र भी है और अपना सबसे बड़ा शत्रु भी। - ShareChat