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#✍🏽 माझ्या लेखणीतून
✍🏽 माझ्या लेखणीतून - सुप्रभात अनुपयोगिता से लोहा भी जंग खा जाता है॰ న स्थिरता से पानी भी अपनी शुद्धता खो देता है। इसी तरह हमारी निष्क्रियता  हमारे मस्तिष्क की ताकत को सोख लेती है। इसलिए जीवन में निरंतर सक्रिय रहें कुछ न कुछ करते रहें, उम्र चाहे जो भी हो। साथ में हंसते हसाते रहें। प्रातः वंदन सुप्रभात अनुपयोगिता से लोहा भी जंग खा जाता है॰ న स्थिरता से पानी भी अपनी शुद्धता खो देता है। इसी तरह हमारी निष्क्रियता  हमारे मस्तिष्क की ताकत को सोख लेती है। इसलिए जीवन में निरंतर सक्रिय रहें कुछ न कुछ करते रहें, उम्र चाहे जो भी हो। साथ में हंसते हसाते रहें। प्रातः वंदन - ShareChat