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#🤲इस्लाम की प्यारी बातें
🤲इस्लाम की प्यारी बातें - बदुना की सलासती , गारीबी और आज़्ाबे क़ब्न से बचुने क॰ दुआा َّمُهَّللا َّمُهَّللا َّمُهَّللا ءيناَدَب يف يف g96 ೪೬೯ يِعْمَس | َتْنَأ اَِّإَةَلِإِ َنِم َكِب ُذوُعَأ ّيّنِإ َّمُهَّللا ) ೪-ಬತ್ತಿ ర్లక్తి6 َتْنَأ اَِإ ةَلِإاَل ِرْبَقْلا ِباَذَع ْنِم َكِب ْذْوْعَأَو و ِرْقَفْلاَو ِرْفُْكْلا 9 अल्लाहुम्म आफ़िनी फ़ी बदनी , अल्लाहुम्म आफ़िनी फ़ी सम्ई, अल्लाहुम्म आफ़िनी फ़ी बसरी , ला इलाह इल्ला अन्त, अल्लाहुम्म সিনলূ সিনু अऊज़ूबिक वल् फ़क़रि व अऊज़ूबिक ক্লুক্ি, इन्नी अज़ाबिल् क़ब्रि, ला इलाहा इल्ला अन्त, मेँरे बदन में आफियत (तंदुरूस्ती) दे। ऐ अल्लाह मुझे ऐ अल्लाह স্তুভী  मेरे कानों मे आफियत दे। ऐ अल्लाह मुझे मेरी आँखों में आफियत दे। मैं कुफ्र और फक्न तेरे सिवा कोई इबादत के लायक नहीं। ऐ अल्लाह (गरीबी ) से तेरी पनाह चाहता हूँ। और क़ब्र के अज़ाब से तेरी पनाह हूँ। तेरे सिवा कोई इबादत के लायक नहीं। चाहता रसूलुल्लाह   यह दुआ हर रोज़ सुबह और शाम के वक्त तीन तीन बार पढा करते थे। हसन हदीष  अवू दाऊद 5090 बदुना की सलासती , गारीबी और आज़्ाबे क़ब्न से बचुने क॰ दुआा َّمُهَّللا َّمُهَّللا َّمُهَّللا ءيناَدَب يف يف g96 ೪೬೯ يِعْمَس | َتْنَأ اَِّإَةَلِإِ َنِم َكِب ُذوُعَأ ّيّنِإ َّمُهَّللا ) ೪-ಬತ್ತಿ ర్లక్తి6 َتْنَأ اَِإ ةَلِإاَل ِرْبَقْلا ِباَذَع ْنِم َكِب ْذْوْعَأَو و ِرْقَفْلاَو ِرْفُْكْلا 9 अल्लाहुम्म आफ़िनी फ़ी बदनी , अल्लाहुम्म आफ़िनी फ़ी सम्ई, अल्लाहुम्म आफ़िनी फ़ी बसरी , ला इलाह इल्ला अन्त, अल्लाहुम्म সিনলূ সিনু अऊज़ूबिक वल् फ़क़रि व अऊज़ूबिक ক্লুক্ি, इन्नी अज़ाबिल् क़ब्रि, ला इलाहा इल्ला अन्त, मेँरे बदन में आफियत (तंदुरूस्ती) दे। ऐ अल्लाह मुझे ऐ अल्लाह স্তুভী  मेरे कानों मे आफियत दे। ऐ अल्लाह मुझे मेरी आँखों में आफियत दे। मैं कुफ्र और फक्न तेरे सिवा कोई इबादत के लायक नहीं। ऐ अल्लाह (गरीबी ) से तेरी पनाह चाहता हूँ। और क़ब्र के अज़ाब से तेरी पनाह हूँ। तेरे सिवा कोई इबादत के लायक नहीं। चाहता रसूलुल्लाह   यह दुआ हर रोज़ सुबह और शाम के वक्त तीन तीन बार पढा करते थे। हसन हदीष  अवू दाऊद 5090 - ShareChat