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#✝ಯೇಸು ವಾಕ್ಯಗಳು📖 #🔱 ಭಕ್ತಿ ಲೋಕ #☪ ಖುರಾನ್ ಸೂರಃಗಳು 🤲 #🙏ಭಕ್ತಿ ಸ್ಟೇಟಸ್ #🙏ನಮಸ್ಕಾರ
✝ಯೇಸು ವಾಕ್ಯಗಳು📖 - कबीर परमेश्वर ही पूर्ण ब्रह्म हैं, जिन्होंने सर्व सृष्टि की रचना की है। जी महाराज संत गरीब जी संत रामपाल जीव हमारी जाति है॰ मानव धर्म हमार।।  गरीय , दास कचीर जुलाहा, पूरा किया परवाना ।  हिन्दु सुर्लिम सिरख ईसाई, धर्म नही कोई न्यारा।। जो कोई माने शब्द हमारा , मिट जाए आवागमना ।l  कचीर परमेश्वर ही पूर्ण च्रहम हं॰ गरीव अनंत कोटि ब्रहाउ का, एक रती नही भार।  जिन्होने सर्व सृष्टि की रचना को ह। सतगुरु पुरुष कवीर ह॰कुल " सूाजनहार।। दास जी za <1q संत नाभादास जी कबीर साहेब जीव हमारी जाति हैं॰ मानव धर्म हमारा।। हिल्दुको सतगुरू सही, मुसलमान को पीर। वाणी अरवो खरयों, ग्रथ कोटि हजार। हिन्दु मुस्लिम सिरख ईसाई, धर्म नहीं कोई ज्यारा।।  करता पुरुष कवीर, कहै नाभे विचार।। सादू दोनों दीनर्मे अदली ना कवीर।।  कचीर परमेश्वर ही पूर्ण ब्रह्म हैं जिन्होंने सर्व सृष्टि को है। रचचा  संत मलूक दास जी गोरख नाथ जी voice ofsaints गुरुवंसी वजाई कालिविके तीर। ০ক মময नवो जाथ चौरासी सिद्ध इनको अनहद झान | सुरनरमुजिजन चकिन्त भये। अरु व्हरा यमुना नीर।। अविचल घर धाम कतीरका , यह गति चिरला जान।। दामते सतगर अजर अमतो शरीर।  झोरी झण्डा  शेली टोपी साथ।  कुचरी  जगन्नाथको मंदिर थापे दटि गया सायर नीर।। कचीरकी, चढ़ाई गोरखनाथ।।  रोपि समुद्न ऐसे गुरु गंभीर। दया भई सभी संतों का उटाये 0-2 C কর্ন্ীয [1  ang সলুক হলাক কমন _-~_- एक ही संदेश  संत रविदास जी संत नानक जी कबीर साहेब ही हैं पूर्ण परमात्मा, आदि कारण और सवक रचनहार | पूरे गुरूनकी रमै यलिजेहों  सयःल जहरा हें।। जायनो  ব্রলন পর্হাঁ  गुरुनके शिव ब्रह्म जहों शूला है।। रेदास कहै सुनों रे संतो, सतगुरु मिले कयीर।  0 अनहद तूरा ह।। eele २्येत घया Chb ic ವ<( भरम अंथेरा दूर कर, दिया नाम गंभीर।।  पूर्ण कचीर सकल घट दररों हरदम हाल हजूरा हें।। fauT ' गुण देखो आर्र॰ देही सहित फचीर सिदार्ई।।  कबीर जपे बदभागी नानक चरणको ಹ 8ll कबीर साहेब ही पूर्ण ब्रह्म हैं, उनकी भक्ति ही मोक्ष का मार्ग है। pt8 कबीर परमेश्वर ही पूर्ण ब्रह्म हैं, जिन्होंने सर्व सृष्टि की रचना की है। जी महाराज संत गरीब जी संत रामपाल जीव हमारी जाति है॰ मानव धर्म हमार।।  गरीय , दास कचीर जुलाहा, पूरा किया परवाना ।  हिन्दु सुर्लिम सिरख ईसाई, धर्म नही कोई न्यारा।। जो कोई माने शब्द हमारा , मिट जाए आवागमना ।l  कचीर परमेश्वर ही पूर्ण च्रहम हं॰ गरीव अनंत कोटि ब्रहाउ का, एक रती नही भार।  जिन्होने सर्व सृष्टि की रचना को ह। सतगुरु पुरुष कवीर ह॰कुल " सूाजनहार।। दास जी za <1q संत नाभादास जी कबीर साहेब जीव हमारी जाति हैं॰ मानव धर्म हमारा।। हिल्दुको सतगुरू सही, मुसलमान को पीर। वाणी अरवो खरयों, ग्रथ कोटि हजार। हिन्दु मुस्लिम सिरख ईसाई, धर्म नहीं कोई ज्यारा।।  करता पुरुष कवीर, कहै नाभे विचार।। सादू दोनों दीनर्मे अदली ना कवीर।।  कचीर परमेश्वर ही पूर्ण ब्रह्म हैं जिन्होंने सर्व सृष्टि को है। रचचा  संत मलूक दास जी गोरख नाथ जी voice ofsaints गुरुवंसी वजाई कालिविके तीर। ০ক মময नवो जाथ चौरासी सिद्ध इनको अनहद झान | सुरनरमुजिजन चकिन्त भये। अरु व्हरा यमुना नीर।। अविचल घर धाम कतीरका , यह गति चिरला जान।। दामते सतगर अजर अमतो शरीर।  झोरी झण्डा  शेली टोपी साथ।  कुचरी  जगन्नाथको मंदिर थापे दटि गया सायर नीर।। कचीरकी, चढ़ाई गोरखनाथ।।  रोपि समुद्न ऐसे गुरु गंभीर। दया भई सभी संतों का उटाये 0-2 C কর্ন্ীয [1  ang সলুক হলাক কমন _-~_- एक ही संदेश  संत रविदास जी संत नानक जी कबीर साहेब ही हैं पूर्ण परमात्मा, आदि कारण और सवक रचनहार | पूरे गुरूनकी रमै यलिजेहों  सयःल जहरा हें।। जायनो  ব্রলন পর্হাঁ  गुरुनके शिव ब्रह्म जहों शूला है।। रेदास कहै सुनों रे संतो, सतगुरु मिले कयीर।  0 अनहद तूरा ह।। eele २्येत घया Chb ic ವ<( भरम अंथेरा दूर कर, दिया नाम गंभीर।।  पूर्ण कचीर सकल घट दररों हरदम हाल हजूरा हें।। fauT ' गुण देखो आर्र॰ देही सहित फचीर सिदार्ई।।  कबीर जपे बदभागी नानक चरणको ಹ 8ll कबीर साहेब ही पूर्ण ब्रह्म हैं, उनकी भक्ति ही मोक्ष का मार्ग है। pt8 - ShareChat