ShareChat
click to see wallet page
search
तिनके सा बिखर जाता हूँ मैं ✍️✍️#📖 कविता और कोट्स✒️ #शायरी #हिंदी साहित्य #MOTIVATIONAL #🥰 इमोशनल पल
MOTIVATIONAL - हर झोंके में तिनके सा बिखर जाता हूँ मैं क्या इतना ही बल है  मुझमें जो पवन की दिशा में గ# / बह जाता तिनके सा विवेक क्यों न पा सका मैं जो वक्त को समर्पित हा उसी पवन संग ऊँचाइयों को छू जाता है वन्दना सूद Sahityapedia com हर झोंके में तिनके सा बिखर जाता हूँ मैं क्या इतना ही बल है  मुझमें जो पवन की दिशा में గ# / बह जाता तिनके सा विवेक क्यों न पा सका मैं जो वक्त को समर्पित हा उसी पवन संग ऊँचाइयों को छू जाता है वन्दना सूद Sahityapedia com - ShareChat