
Aaj ki baat on Instagram: "हाल ही में चुनावी प्रक्रिया और ईवीएम को लेकर एक बार फिर राजनीतिक बहस तेज हो गई है। विपक्षी दलों और सोशल मीडिया यूज़र्स द्वारा पुराने भाषणों और वर्तमान बयानों की तुलना करते हुए प्रधानमंत्री पर सवाल उठाए जा रहे हैं। आलोचकों का कहना है कि प्रधानमंत्री बनने से पहले उन्होंने बैलेट पेपर से चुनाव कराने की वकालत की थी और ईवीएम पर सवाल खड़े किए थे, लेकिन सत्ता में आने के बाद अब वही ईवीएम को सबसे सुरक्षित और बेहतर विकल्प बता रहे हैं। इस मुद्दे को लेकर सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। कई लोग इसे राजनीतिक सुविधा के अनुसार बदला गया रुख बता रहे हैं, जबकि समर्थकों का कहना है कि समय के साथ तकनीक और चुनावी व्यवस्था में भरोसा बढ़ा है। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, चुनावी पारदर्शिता और जनता के विश्वास को बनाए रखना लोकतंत्र की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। देश में ईवीएम बनाम बैलेट पेपर की बहस नई नहीं है, लेकिन हर चुनाव के दौरान यह मुद�"

