ShareChat
click to see wallet page
search
#छत्तीसगढ़ वित्त मंत्री ओ पी चौधरी
छत्तीसगढ़ वित्त मंत्री ओ पी चौधरी - आईएएस से जननेता तक, ओपी चौधरी ने बनाई अलगमिसाल सपनों को हकीकत में बदलने की जिद ने ही बनाया दूरदर्शी नेता राज्य की राजनीति में एक विजनरी नेता के रूप में देखे जाते हैं ओपी नवभारत ब्यूरो। रायपुर। त्त मंत्री ओपी चौधरी उन चुनिंदा लोगों में शामिल हैं, जिन्होंने जिंदगी में सुरक्षित रास्ता छोड़कर अपने सपनों और राज्य के भविष्य के लिए जोखिम उठाया  रायगढ़ जिले के एक छोटे से गांव से निकलकर उन्होंने यूपीएससी जैसी कठिन परीक्षा पास की, आईएएस बने प्रशासनिक सेवा में अलग पहचान बनाई, लेकिन यहीं नहों रुके। १३ साल की प्रतिष्ठित नौकरी  छोड़कर उन्होंने राजनीति की राह इसलिए  आज चुनी, ताकि छत्तीसगढ़ के विकास में जन्म दिन सीधे भूमिका निभा सकें। संघर्ष जोखिम और सपनों को सच करने की यही जिद पर विशेष आज उन्हें राज्य की राजनीति में एक और युवा सोच वाले नेता के रूप में दूरदर्शी  स्थापित करती है। गांव से दिल्ली तक संघर्ष का सफर रायगढ़ जिले के ग्राम बायंग के मूल निवासी ओपी चौधरी ने गांव में रहकर १२वीं तक पढाई की। पिता के निधन के बाद परिवार राजनीति की राह पर जिम्मेदारियां आईं॰ लेकिन उन्होंने आसान रास्ता नहीं चुना। मां आसान नहीं थी के कहने पर अनुकंपा नियुक्ति स्वीकार करने के बजाय उन्होंने आईएएस बनने का सपना देखा और उसी लक्ष्य के साथ दिल्ली करोब १३ वर्षों तक प्रशासनिक सेवा में पहुंच गए। उन्होंने यूपीएससी परीक्षा पास को और वर्ष २००५ रहने के बाद उन्होंने राजनीति में आने का बैच के आईएएस अधिकारी बने। फैसला लिया। वर्ष २०१८ में आईएएस पहचान सेवा में बनाई अलग  की नौकरी छोड़ने के बाद उन्हें पहले সযাামনিন্ধ में ओपी चौधरी की पहचान एक ऊर्ज्तवान्डा से चुनाव में हार का सामना करना पडा। जानकेंद्रित अधिकारी की रही। दंतेवाड़ो " आईएएस के रूप  आलोचनाएं हुईं और ताने भी सुनने पडे़, और को लेकर और प्रशासनिक  समर्थक तकनीक सुधारों  लेकिन उन्होने हार नहीं मानी और अपने लेकर राजधानी रायपुर तूक शिक्षाभ ीचच्राःहोती है। उन्होने डिजिटल  लक्ष्य से नहीं भटके | चुनाव हारने के बाद  किए गए उनके कार्यों की आज पारदर्शिता पर विशेष ध्यान क्यपस्था, शिक्षा सुधार और मश्रीसङनिकम नमदश ससिंहरने उन्होंने भाजपा संगठन में सक्रिय भूमिका प्रधानमंत्री निभाई। प्रदेश कार्यसमिति सदस्य से दिया। उन्हें तत्कालीनम प्रेधलन संः सम्मानित किया थाः प्रधानमंत्री  शुरूआत कर प्रदेश मंत्री, प्रवक्ता और  के विधानसभा चुनाव पुरस्कार और गोल्ड  बाद में प्रदेश जैसे महत्वपूर्ण  2023 महामंत्री जीत : वष যামযান ম সিলী নভী भरोसा जताया और रायगढ़ सीट दायित्व संभाले। ओबीसी मोर्चा और हजार ४४३ मतों के ने एक बार फिर उन पर में भाजपा बार जनता ने उन्हें ६४ भाजयुमो के प्रभारी के रूप में भी उन्होंने ননমান স ন उम्मीदवार  इस बनाया। संगठन में जिम्मेदारी निभाई हाल ही में से अंतर से विजयी बनाकर विधानसभा पहुचाया । कर, आवास एवं पर्यावरण  भाजपा ने उन्हें अपनी सबसे महत्वपूर्ण  वाणिज्यिक छत्तीसगढ़ सरकार में वित्त मंत्री हैं। कोर ग्रुप समिति में भी शामिल किया है। सांख्यिकी योजना एवं आर्थिक एवं आईएएस से जननेता तक, ओपी चौधरी ने बनाई अलगमिसाल सपनों को हकीकत में बदलने की जिद ने ही बनाया दूरदर्शी नेता राज्य की राजनीति में एक विजनरी नेता के रूप में देखे जाते हैं ओपी नवभारत ब्यूरो। रायपुर। त्त मंत्री ओपी चौधरी उन चुनिंदा लोगों में शामिल हैं, जिन्होंने जिंदगी में सुरक्षित रास्ता छोड़कर अपने सपनों और राज्य के भविष्य के लिए जोखिम उठाया  रायगढ़ जिले के एक छोटे से गांव से निकलकर उन्होंने यूपीएससी जैसी कठिन परीक्षा पास की, आईएएस बने प्रशासनिक सेवा में अलग पहचान बनाई, लेकिन यहीं नहों रुके। १३ साल की प्रतिष्ठित नौकरी  छोड़कर उन्होंने राजनीति की राह इसलिए  आज चुनी, ताकि छत्तीसगढ़ के विकास में जन्म दिन सीधे भूमिका निभा सकें। संघर्ष जोखिम और सपनों को सच करने की यही जिद पर विशेष आज उन्हें राज्य की राजनीति में एक और युवा सोच वाले नेता के रूप में दूरदर्शी  स्थापित करती है। गांव से दिल्ली तक संघर्ष का सफर रायगढ़ जिले के ग्राम बायंग के मूल निवासी ओपी चौधरी ने गांव में रहकर १२वीं तक पढाई की। पिता के निधन के बाद परिवार राजनीति की राह पर जिम्मेदारियां आईं॰ लेकिन उन्होंने आसान रास्ता नहीं चुना। मां आसान नहीं थी के कहने पर अनुकंपा नियुक्ति स्वीकार करने के बजाय उन्होंने आईएएस बनने का सपना देखा और उसी लक्ष्य के साथ दिल्ली करोब १३ वर्षों तक प्रशासनिक सेवा में पहुंच गए। उन्होंने यूपीएससी परीक्षा पास को और वर्ष २००५ रहने के बाद उन्होंने राजनीति में आने का बैच के आईएएस अधिकारी बने। फैसला लिया। वर्ष २०१८ में आईएएस पहचान सेवा में बनाई अलग  की नौकरी छोड़ने के बाद उन्हें पहले সযাামনিন্ধ में ओपी चौधरी की पहचान एक ऊर्ज्तवान्डा से चुनाव में हार का सामना करना पडा। जानकेंद्रित अधिकारी की रही। दंतेवाड़ो " आईएएस के रूप  आलोचनाएं हुईं और ताने भी सुनने पडे़, और को लेकर और प्रशासनिक  समर्थक तकनीक सुधारों  लेकिन उन्होने हार नहीं मानी और अपने लेकर राजधानी रायपुर तूक शिक्षाभ ीचच्राःहोती है। उन्होने डिजिटल  लक्ष्य से नहीं भटके | चुनाव हारने के बाद  किए गए उनके कार्यों की आज पारदर्शिता पर विशेष ध्यान क्यपस्था, शिक्षा सुधार और मश्रीसङनिकम नमदश ससिंहरने उन्होंने भाजपा संगठन में सक्रिय भूमिका प्रधानमंत्री निभाई। प्रदेश कार्यसमिति सदस्य से दिया। उन्हें तत्कालीनम प्रेधलन संः सम्मानित किया थाः प्रधानमंत्री  शुरूआत कर प्रदेश मंत्री, प्रवक्ता और  के विधानसभा चुनाव पुरस्कार और गोल्ड  बाद में प्रदेश जैसे महत्वपूर्ण  2023 महामंत्री जीत : वष যামযান ম সিলী নভী भरोसा जताया और रायगढ़ सीट दायित्व संभाले। ओबीसी मोर्चा और हजार ४४३ मतों के ने एक बार फिर उन पर में भाजपा बार जनता ने उन्हें ६४ भाजयुमो के प्रभारी के रूप में भी उन्होंने ননমান স ন उम्मीदवार  इस बनाया। संगठन में जिम्मेदारी निभाई हाल ही में से अंतर से विजयी बनाकर विधानसभा पहुचाया । कर, आवास एवं पर्यावरण  भाजपा ने उन्हें अपनी सबसे महत्वपूर्ण  वाणिज्यिक छत्तीसगढ़ सरकार में वित्त मंत्री हैं। कोर ग्रुप समिति में भी शामिल किया है। सांख्यिकी योजना एवं आर्थिक एवं - ShareChat