Panditji
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शाबर मन्त्रों की विशेषता उसकी सरलता व उच्चारण ध्वनि है जिसे कि अशिक्षित व्यक्ति भी सरलता से इसे सिद्ध कर श्रेष्ठ तान्त्रिकों में अपना स्थान बना लेता है। शाबर मन्त्र तन्त्रों का प्रयोग जीवन के हर क्षेत्र में होता है। चाहे रोग व्याधि हो या शत्रुभय; कोर्ट कचहरी या जीविका उपार्जन का सवाल, जादू टोने का असर हो या दुष्ट ग्रहों आदि का प्रभाव सभी से मुक्ति पाने के लिए इसका प्रयोग किया जाता है। इन्हें सिद्ध करने के लिए साधकों को अंगन्यास, करन्यास, आसन, मुद्रा आदि किसी चीज की जरूरत नहीं होती। वह जिस स्थान पर चाहे रात में चाहे दिन में, मंगलवार के दिन या दीपावली के दिन, देवोत्थान, एकादशी, सूर्य ग्रहण, व चन्द्रग्रहण में १०८ बार किसी भी मन्त्र का पाठ करने व प्रति मन्त्र के साथ हवन करने से मन्त्र सिद्ध हो जाता है। तथा उस मन्त्र को पुर्नजागरण के लिए तथा पुनः शक्ति प्राप्त करने के लिए प्रतिवर्ष उसी पर्व त्यौहार या शुभ दिन पर उस मन्त्र को पूर्व की भाँति १०८ बार जप व हवन किया जाता है। शाबर मन्त्र स्वयं सिद्ध होते हैं। बतः साधक को उस मन्त्र के उच्चारण, ध्वनि, भाषा आदि में संशोधन नहीं करना चाहिए अन्यथा मन्त्र सिद्ध नहीं होता । शाबर तन्त्र को टोना टोटका भी कहते हैं इसका प्रयोग लोगों को जन्म से लेकर जीवन के हर सुख-दुःख के क्षेत्र में किया जाता है। चाहे किसी कष्ट से स्वयं उबरना हो या किसी अन्य की रक्षा करना हो इस मंगल भावना से अथवा किसी को कष्ट पहुँचा कर परेशान करना हो जिसे कि मनुष्य प्रत्यक्षतः उसे कष्ट पहुँचाने में असमर्थ होता है, #🚀SC बूस्ट के साथ Views को सुपरचार्ज करें #🆕 ताजा अपडेट #🎁चैटरूम: अर्न & लर्न🤑 #⛈️मानसून अपडेट 🗞️ #❤️जीवन की सीख
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