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#✒ गुलज़ार की शायरी 🖤
✒ गुलज़ार की शायरी 🖤 - मुहब्बत लिबास नहीं जो हर रोज बदल जाए मुहब्बत कफन है पहन कर उतारा नहीं जाता 6 -गुलज़ार मुहब्बत लिबास नहीं जो हर रोज बदल जाए मुहब्बत कफन है पहन कर उतारा नहीं जाता 6 -गुलज़ार - ShareChat