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#सब बाबा जयगुरूदेव जी महाराज की देन है #🙏गुरु महिमा😇 #🙏रोजाना भक्ति स्टेट्स #❤️जीवन की सीख #🙏शुभ दोपहर
सब बाबा जयगुरूदेव जी महाराज की देन है - जय गुरु देव नाम प्रभु का जयणुरुदव जयगुरुदेव नाम प्रभु का र्सन उमाकान्त जी मह्वाराज  समय का संदेश ने। अब भी उनकी जरूरत है। शरीर तो अब कमजोर गुरु देव  01.05.2026 प्रातः 8 ३० बजे जय हो गया, मैं बुलाऊंगा तो बहुत से टाटधारी तो चाहते जय गुरु देव नगर, उज्जैन, गुरु देव নানা সম आश्रम प्रदेश हुए भी यहाँ भंडारे में नहीं आ पाएंगे लेकिन वो जो मथ्य उनका संकल्प है, अब काम करेगा। टाटधारियों १. टाटधारी भंडारे कार्यक्रम में आ जाएं हम उनके लिए कुछ सोच रहे हैं। उन्होंने काम करेगा। जो तपस्या का संकल्प अब 6.54-9.34 अभी तक की है, जब से पहनाया गया तब से जितने भी टाटधारी हो॰ चाहे यहां ( उज्जैन) आाप जो किया है॰चो अब काम करेगा। उसकी अब को सुन रहे हो, आप लोग हो या आवाज टाटधारियों को बता दो हमारा नाम ले कर के कि जरूरत है लेकिन जो चल फिर सकते हैं॰ जो बाचा उमाकान्त जी ने कहा हे कि उनकी नज़र বিম্ব বিোন দমে মন नाचा जगगुरुदेतजी महाराज को परिवार के लोग हैं उनको ला सकते हैं उनको में आपकी कीमत है और आपसे कुछ काम की १ववां वार्पिक भंगरा कार्य्रम  13 74 75 డెకే 2026   चो अपेक्षा करते हे। अपेक्षा मतलब इच्छा करते हें भंडारे में ले आवें। जो उनको मान देय मिलता है, किये कुछ  जम्हूरियत के कर्रें अब। जो आम काम মখান - TITEபHH सम्मान राशि मिलती है॰ लोकतंत्र सेनानियों को लिए कफ़न गुरु महाराज ने बताया, वो कफ़न पहन -[ - =77 3=7ர7 ^ா लिया। कफ़न जो पहन लेता है उसको शमशान घाट पेंशन मिलता है॰ अकेले कोई नहीं खा सकता है॰ जाना रहता है॰चो मर जाता है। ऐसे ही कफ़न पहनने নত ২৭  इतना खर्चा नहीं है उनका , किस पर खर्चा होता । हे कि हम मुर्दा हो गए। अब हमारी कोई কা সনলন 1~T5 3 इच्छा नहीं रह गईः अपनी कोई इच्छा नर्ही रह गई। है? परिवार पर खर्चा होता है। तो परिवार के लोगों দুব দরবিবরা ব্রা  गुरु के आदेश पर इसको पहना, " जाहि विधि राखे का यह फ़र्ज़ बनता है कि उनको इस भंडारे में ले विधि रहिये ' जैसा शी चो कहें उसी तरह रे गुरु वाहि | =+ஈ ాT +r | 4!ப5141111I1111 आवें। मैं उनके लिए कुछ सोच रहा हूं॰ उनसे कुछ करो। जैसा अभी आपको बताया, "चाहे कार्टों पर मुझे चलना हो, चाहे अग्नि में मुझे जलना हो, चाहे कराना चाहता हूं॰ उनसे कुछ कहना चाहता চুঁl নী छोड़ के देश निकलना हो॰ रहे ध्यान चरणों में' नुम्हारे गुरु न छूटें। तो जब यह संकल्प बनाया टाटधारियों टाटधारियों को ले आवें। ने। अब भी उनकी जरूरत है। शरीरतो अब कमजोर 19 जयगुरुदेव जी महाराज के पावन वार्षिक भंडारे पर सभी सादर बाबा आमंत्रित हैं। दिनांक १३  १४ और २५ मई २०२६ को बाबा जयगुरुदेव आश्रम पिंगलेश्वर रेलवे स्टेशन के सामने मक्सी रोड़ उज्जैन मध्य प्रदेश) जय गुरु देव नाम प्रभु का जयणुरुदव जयगुरुदेव नाम प्रभु का र्सन उमाकान्त जी मह्वाराज  समय का संदेश ने। अब भी उनकी जरूरत है। शरीर तो अब कमजोर गुरु देव  01.05.2026 प्रातः 8 ३० बजे जय हो गया, मैं बुलाऊंगा तो बहुत से टाटधारी तो चाहते जय गुरु देव नगर, उज्जैन, गुरु देव নানা সম आश्रम प्रदेश हुए भी यहाँ भंडारे में नहीं आ पाएंगे लेकिन वो जो मथ्य उनका संकल्प है, अब काम करेगा। टाटधारियों १. टाटधारी भंडारे कार्यक्रम में आ जाएं हम उनके लिए कुछ सोच रहे हैं। उन्होंने काम करेगा। जो तपस्या का संकल्प अब 6.54-9.34 अभी तक की है, जब से पहनाया गया तब से जितने भी टाटधारी हो॰ चाहे यहां ( उज्जैन) आाप जो किया है॰चो अब काम करेगा। उसकी अब को सुन रहे हो, आप लोग हो या आवाज टाटधारियों को बता दो हमारा नाम ले कर के कि जरूरत है लेकिन जो चल फिर सकते हैं॰ जो बाचा उमाकान्त जी ने कहा हे कि उनकी नज़र বিম্ব বিোন দমে মন नाचा जगगुरुदेतजी महाराज को परिवार के लोग हैं उनको ला सकते हैं उनको में आपकी कीमत है और आपसे कुछ काम की १ववां वार्पिक भंगरा कार्य्रम  13 74 75 డెకే 2026   चो अपेक्षा करते हे। अपेक्षा मतलब इच्छा करते हें भंडारे में ले आवें। जो उनको मान देय मिलता है, किये कुछ  जम्हूरियत के कर्रें अब। जो आम काम মখান - TITEபHH सम्मान राशि मिलती है॰ लोकतंत्र सेनानियों को लिए कफ़न गुरु महाराज ने बताया, वो कफ़न पहन -[ - =77 3=7ர7 ^ா लिया। कफ़न जो पहन लेता है उसको शमशान घाट पेंशन मिलता है॰ अकेले कोई नहीं खा सकता है॰ जाना रहता है॰चो मर जाता है। ऐसे ही कफ़न पहनने নত ২৭  इतना खर्चा नहीं है उनका , किस पर खर्चा होता । हे कि हम मुर्दा हो गए। अब हमारी कोई কা সনলন 1~T5 3 इच्छा नहीं रह गईः अपनी कोई इच्छा नर्ही रह गई। है? परिवार पर खर्चा होता है। तो परिवार के लोगों দুব দরবিবরা ব্রা  गुरु के आदेश पर इसको पहना, " जाहि विधि राखे का यह फ़र्ज़ बनता है कि उनको इस भंडारे में ले विधि रहिये ' जैसा शी चो कहें उसी तरह रे गुरु वाहि | =+ஈ ాT +r | 4!ப5141111I1111 आवें। मैं उनके लिए कुछ सोच रहा हूं॰ उनसे कुछ करो। जैसा अभी आपको बताया, "चाहे कार्टों पर मुझे चलना हो, चाहे अग्नि में मुझे जलना हो, चाहे कराना चाहता हूं॰ उनसे कुछ कहना चाहता চুঁl নী छोड़ के देश निकलना हो॰ रहे ध्यान चरणों में' नुम्हारे गुरु न छूटें। तो जब यह संकल्प बनाया टाटधारियों टाटधारियों को ले आवें। ने। अब भी उनकी जरूरत है। शरीरतो अब कमजोर 19 जयगुरुदेव जी महाराज के पावन वार्षिक भंडारे पर सभी सादर बाबा आमंत्रित हैं। दिनांक १३  १४ और २५ मई २०२६ को बाबा जयगुरुदेव आश्रम पिंगलेश्वर रेलवे स्टेशन के सामने मक्सी रोड़ उज्जैन मध्य प्रदेश) - ShareChat