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#चाणक्य सुविचार निती
चाणक्य सुविचार निती - ೆ दुश्मन हमेशा अपनों में ही ঐষা 78 क्योकि अपनों को ही अपनों की और कामयाबी बर्दाश्त खुशी नहीं होती ! ೆ दुश्मन हमेशा अपनों में ही ঐষা 78 क्योकि अपनों को ही अपनों की और कामयाबी बर्दाश्त खुशी नहीं होती ! - ShareChat